दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने खास तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण पर फोकस किया है। इस बार बजट में पहली बार एमसीडी को 11,666 करोड़ रुपये और दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छात्राओं को साइकिल, मेधावी छात्रों को लैपटॉप और सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए भी बड़े फंड का ऐलान किया गया है।
दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरे स्थान पर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में दिल्ली देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया था। पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 6-7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब यह बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
छात्राओं को साइकिल और मेधावी छात्रों को लैपटॉप
- सरकार ने शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
- सरकारी स्कूलों की कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल दी जाएगी।
- कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे।
- सरकार का कहना है कि इससे छात्रों की पढ़ाई और स्किल दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
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सरकारी स्कूलों में लगेंगे स्मार्ट बोर्ड
- सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
- 8,777 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे।
- इसके लिए स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट के तहत 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
- यह योजना प्रधानमंत्री के ‘4-S विजन’ (स्पीड, स्किल, स्ट्रेंथ और स्केल) के अनुरूप बताई गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा बजट
- दिल्ली के विकास के लिए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा खर्च तय किया है।
- PWD विभाग को 5,921 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
- सड़कों को धूल मुक्त बनाने और नेटवर्क सुधारने के लिए 1,392 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- बारापुला कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- 52,000 किलोमीटर बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
यमुना पार के विकास के लिए विशेष बजट
सरकार ने पूर्वी दिल्ली (यमुना पार) के विकास के लिए पहले चरण में 300 करोड़ रुपये का विशेष बजट तय किया है।
इसके अलावा
- दिल्ली ग्राम बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये
- दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के लिए 9,000 करोड़ रुपये
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक मास्टर प्लान भी तैयार किया गया है।
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बाढ़ से बचाव के लिए बनेगी सुरक्षा दीवार
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू किया गया है। सरकार ने डिसिल्टिंग (नदी की सफाई) पर भी खास ध्यान दिया है। इसके कारण यमुना का जलस्तर 207 के पार जाने के बाद भी बाढ़ नहीं आई।
स्वास्थ्य और दमकल विभाग को भी फंड
- बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी राशि तय की गई है।
- निर्माणाधीन अस्पतालों को पूरा करने के लिए 515 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
- दमकल विभाग के लिए 674 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।