Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
चेन्नई। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने पूरे क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया है। तूफान की बढ़ती सक्रियता के कारण कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में उफान देखने को मिल रहा है। IMD का कहना है कि, दितवाह की रफ्तार भले धीमी है, लेकिन तट के बिल्कुल समानांतर बढ़ने के कारण इसका प्रभाव और खतरनाक हो सकता है।
IMD के 29 नवंबर रात 11:30 बजे के अनुसार, चक्रवात 10.7°N लैटीट्यूड और 80.6°E लॉन्गीट्यूड के पास केंद्रित था। यह स्थान वेदारण्यम से 90 किमी उत्तर-पूर्व, कराईकल से 90 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से लगभग 260 किमी दक्षिण में था।
अगले 24 घंटों में इसके उत्तर की ओर बढ़ते हुए तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के लगभग समानांतर गुजरने की संभावना है। रविवार सुबह यह तट से 50 किमी, जबकि शाम तक 25 किमी की न्यूनतम दूरी से गुजर सकता है। तूफान की तेज हवाओं की रफ्तार 70-80 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई है। IMD ने कहा कि, अगर बारिश और समुद्री लहरें बढ़ती हैं, तो समुद्र तल 0.5-1 मीटर तक ऊपर उठ सकता है, जिससे निचले तटीय इलाकों में पानी भर सकता है।
IMD ने कई क्षेत्रों के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें पुडुचेरी-कराईकल, कुड्डालोर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू शामिल है। दक्षिण तटीय जिलों में बारिश पहले ही तेज हो चुकी है और चक्रवात के और करीब आने से हालात और बिगड़ने की आशंका है।
IMD प्रमुख एम. महापात्रा के अनुसान, हवा की रफ्तार बहुत अधिक नहीं है, लेकिन धीमी गति और तट के करीब मौजूदगी इसे खतरनाक बनाती है। खड़ी फसलों और तटीय ढांचों को नुकसान हो सकता है।
तमिलनाडु सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है। मुख्य कदम-
गुजरात के वडोदरा से NDRF की 5 टीमों को एयरलिफ्ट करके चेन्नई भेजा गया है। ये टीमें फ्लड वाटर रेस्क्यू और CSSR उपकरण से लैस हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू कर सकती हैं।
चेन्नई और आसपास के तटीय क्षेत्रों में शनिवार से ही लगातार बारिश और तेज हवाएं जारी हैं। शनिवार को 54 उड़ानें रद्द की गईं, रविवार के लिए 47 और उड़ानें रद्द हुईं। इनमें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं।
रेलवे ने स्थिति की निगरानी हेतु स्पेशल वॉर रूम बनाया है। जरूरत पड़ने पर ट्रैक मरम्मत के लिए टीमें तैयार हैं। यात्रियों को एयरलाइंस से अपडेट लेकर ही एयरपोर्ट आने की सलाह दी गई है।
चक्रवात दितवाह का सबसे खतरनाक असर श्रीलंका में देखने को मिला। जहां 153 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 200 लोग लापता है। कई इलाकों में भूस्खलन, बाढ़ और भारी तबाही के बीच सरकार ने देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है। दर्जनों इलाके पानी में डूबे हैं। एयर ट्रैफिक ठप हो गया, उड़ानें रद्द की गईं। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए।
भारत ने श्रीलंका में फंसे भारतीयों की मदद के लिए आपातकालीन हेल्पडेस्क शुरू किया है। कोलंबो एयरपोर्ट पर भारतीय हाई कमीशन भोजन, सहायता और दस्तावेजी समर्थन प्रदान कर रहा है।