ग्वालियर में नाराज हुए दिग्विजय सिंह, बोले- ये लड़ाई समाप्त करें... अब मैं कभी मंच पर नहीं बैठूंगा, जानें पूरा मामला

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ’ रैली के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मंच व्यवस्था को लेकर गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने ऐलान कर दिया कि अब वह किसी भी कार्यक्रम में मंच पर नहीं बैठेंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह अब कभी मंच पर नहीं बैठेंगे, बल्कि नीचे बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब उनके बोलने की बारी आएगी, तभी वह मंच पर चढ़ेंगे। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मंच पर बैठने को लेकर चल रही लड़ाई को खत्म करने की अपील भी की।
जब रैली के अंतिम वक्ता के रूप में दिग्विजय सिंह मंच पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंच के सामने की कुर्सियां खाली थीं जबकि मंच पदाधिकारियों से भरा पड़ा था। इस दृश्य को देखकर दिग्विजय सिंह ने मंच से ही हाथ जोड़ते हुए कहा, माननीय महासचिव, अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और सभी सम्मानीय नेताओं से निवेदन है कि अब मंच की लड़ाई समाप्त कीजिए। मैं अब मंच पर नहीं बैठूंगा। मुझे जब बोलने का मौका मिलेगा, तभी बुलाइएगा।
मंच की लड़ाई समाप्त करें : दिग्विजय
सोमवार को ग्वालियर के फूलबाग मैदान में कांग्रेस की 'संविधान बचाओ' रैली को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मंच की लड़ाई समाप्त करें। अब मैं कांग्रेस या किसी भी कार्यक्रम के मंच पर नहीं बैठूंगा। मैं नीचे बैठ जाऊंगा। बस इतना अनुरोध है कि जब बोलने का अवसर आए, तब मुझे मंच पर बुला लीजिए। कृपया मंच की लड़ाई समाप्त कर दीजिए।क्या है पूरा घटनाक्रम?
दरअसल, कांग्रेस संगठन ने हाल ही में यह तय किया था कि किसी भी कार्यक्रम में मंच पर केवल वही नेता बैठेंगे, जिनका संबोधन होना होगा। अन्य कोई भी पदाधिकारी मंच पर नहीं बैठेगा। लेकिन इस निर्देश के बावजूद ग्वालियर के लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने आयोजित 'संविधान बचाओ' रैली में मंच पर 10-20 नहीं, बल्कि एक सैकड़े से अधिक नेता और पदाधिकारी बैठे हुए नजर आए।
जब रैली के अंतिम वक्ता के रूप में दिग्विजय सिंह मंच पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंच के सामने की कुर्सियां खाली थीं जबकि मंच पदाधिकारियों से भरा पड़ा था। इस दृश्य को देखकर दिग्विजय सिंह ने मंच से ही हाथ जोड़ते हुए कहा, माननीय महासचिव, अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और सभी सम्मानीय नेताओं से निवेदन है कि अब मंच की लड़ाई समाप्त कीजिए। मैं अब मंच पर नहीं बैठूंगा। मुझे जब बोलने का मौका मिलेगा, तभी बुलाइएगा।












