Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

छत्तीसगढ़ विधानसभा:प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर 10 साल की सजा, 1 करोड़ तक जुर्माना

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन राज्य सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दो अहम बिल पास किए। इन फैसलों को युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और सिस्टम में भरोसा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर 10 साल की सजा, 1 करोड़ तक जुर्माना
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सरकार का कहना है कि इन दोनों बिलों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी लाना है। सीएम विष्णुदेव साय ने पिछली सरकार पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए, वहीं विपक्ष ने भी सख्त कानून का समर्थन करते हुए बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। 

    परीक्षा में गड़बड़ी करने पर 1 करोड़ का जुर्माना  

    नए कानून के तहत परीक्षाओं में नकल या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले अभ्यर्थियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई उम्मीदवार नकल करते पकड़ा जाता है, तो उसका रिजल्ट रोका जाएगा और उसे 1 से 3 साल तक परीक्षा देने से बैन किया जा सकता है। हालांकि यह प्रतिबंध परमानेंट नहीं होगा। इसके अलावा, संगठित धोखाधड़ी, पेपर लीक या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को 1 से 10 साल तक की जेल और 5 लाख से 10 लाख और 1 करोड़ तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। 

    संस्थाओं और एजेंसियों पर भी कड़ा शिकंजा

    सरकार ने केवल अभ्यर्थियों ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़ी संस्थाओं और एजेंसियों को भी कानून के दायरे में लाया है। यदि कोई संस्था दोषी पाई जाती है, तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही ऐसी संस्थाओं को कम से कम 3 साल तक परीक्षा आयोजित करने से प्रतिबंधित किया जाएगा और उनसे परीक्षा से संबंधित खर्च की भी वसूली की जाएगी। 

    स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 पास 

    विधानसभा में स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 भी पास किया गया है। इसके तहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सभी भर्तियां एक ही प्लेटफॉर्म से की जाएंगी। इससे अलग-अलग विभागों की जटिल भर्ती प्रक्रियाएं खत्म होंगी। इस नए बोर्ड में व्यापम का भी विलय किया जाएगा। 

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

    Latest Posts