भोपाल। सीएम डॉ. मोहन यादव ने VIT यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन और छात्रों की स्थिति पर संज्ञान लिया है। इस बारे में उन्होंने कहा कि आज VIT यूनिवर्सिटी प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को परिसर का अविलंब दौरा कर छात्र-छात्राओं व प्रबंधन से संवाद स्थापित करने तथा आवश्यक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। सीएम डॉ. यादव ने इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में यह बात कही।
सीएम ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को निजी विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं की पहचान एवं त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी विद्यार्थियों के भोजन-पानी से संबंधित समस्या को संज्ञान में लेकर त्वरित निराकरण करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उधर, सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने VIT यूनिवर्सिटी मामले को लेकर कहा है कि घटना पर पर तुरंत संज्ञान लिया गया है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हामरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की त्वरित और विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीहोर स्थित VIT यूनिवर्सिटी में हुए विरोध-प्रदर्शन और आगजनी की घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी और उसे तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच की जिम्मेदारी तीन विशेषज्ञों की टीम को सौंपी है। इसमें भोपाल के हमीदिया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल शिवानी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के प्रो. संजय दीक्षित और जीएमसी के प्रो. डॉ. लोकेंद्र दवे को सदस्य बनाया गया है। आयोग ने साफ कहा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।