CJP की दो दिन की रणनीति बैठक 5 अगस्त से...राजनीति में आने से किया इनकार; देशभर में शुरू होगा 'लिसनिंग टूर'

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 5 और 6 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो दिन की रणनीति बैठक करेगी। इसमें पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता और संगठन से जुड़े प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। बैठक में आंदोलन के बाद की रणनीति, संगठन के विस्तार और आगे की योजनाओं पर चर्चा होगी।
देशभर में युवाओं को समझने के लिए शुरू होगा लिसनिंग टूर
CJP ने साफ किया है कि वह फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनाएगी। बैठक खत्म होने के बाद संगठन देशभर में 'लिसनिंग टूर' शुरू करेगा। इसके जरिए अलग-अलग राज्यों में जाकर युवाओं और छात्रों की समस्याओं को समझा जाएगा और उनकी राय ली जाएगी।
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स्कॉलरशिप के जरिए बॉस्टन गया था- दीपके
अभिजीत दीपके ने अपनी पढ़ाई और फंडिंग को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी। बाकी खर्च के लिए उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसे वह अभी चुका रहे हैं। हाल ही में सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने डीपके के पिता की संपत्ति और उनकी पढ़ाई के खर्च की जांच की मांग की थी। इस पर डीपके ने कहा कि उनकी पढ़ाई पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुई है।
बाहरी लोगों ने आंदोलन को बदनाम किया : CJP
दीपके ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन में बाहरी लोगों ने घुसपैठ की थी। उनके मुताबिक, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा इन्हीं लोगों की वजह से हुई।उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा गया और उनकी दिल्ली पुलिस के साथ मिलीभगत थी। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।
गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस का दावा सही है कि प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में अपराधी मौजूद थे, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी है।
उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों, खासकर नाबालिग लड़कियों पर बल प्रयोग नहीं होना चाहिए था। दीपके ने पुलिस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
छात्रों की मदद के लिए लीगल फंड बनाने का किया ऐलान
इससे पहले 27 जुलाई को CJP ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों की कानूनी मदद के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने का ऐलान किया था। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इसमें सहयोग करने की अपील की थी। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि संगठन छात्रों की कानूनी सहायता के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है।
कौन है 30 साल के अभिजीत दीपके?
30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं। वह डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं और पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुके हैं। फिलहाल वह अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं। CJP से जुड़ने से पहले वह आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ भी काम कर चुके हैं। हाल के छात्र आंदोलन के दौरान वह संगठन का प्रमुख चेहरा बनकर सामने आए।











