हम अलग हैं...CJP पर तसलीमा के बयान से विवाद, अभिजीत दीपके ने दी दो टूक प्रतिक्रिया

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन द्वारा इस आंदोलन की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से किए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि CJP का आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक है और इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन की छवि खराब करने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई। उनका कहना है कि CJP और बांग्लादेश की घटनाओं की तुलना करना पूरी तरह गलत है।
दीपके बोले- हमारा आंदोलन संविधान के दायरे में
हिन्दुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP अब देशभर में छात्रों के आंदोलनों का नेतृत्व करेगी और संगठन का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कॉकरोच जनता पार्टी की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। हम पूरे देश में छात्रों की आवाज बनेंगे और जल्द ही अपनी टीम का विस्तार करेंगे। दीपके ने इससे पहले भी नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों का मुद्दा उठाते हुए मांग की थी कि प्रभावित परिवारों को सरकार एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दे।
तसलीमा नसरीन ने क्या कहा था?
बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने CJP के प्रदर्शन की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से करते हुए कहा था कि उन्हें यह प्रदर्शन उचित नहीं लगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में शुरुआत छात्र आंदोलन के रूप में हुई थी लेकिन बाद में हालात पूरी तरह बदल गए। तसलीमा के मुताबिक हमने सोचा था कि छात्र केवल कोटा सिस्टम का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने उनकी मांगें भी मान ली थीं, लेकिन बाद में पता चला कि आंदोलन के पीछे कट्टरपंथी ताकतें सक्रिय थीं। बांग्लादेश में जो हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
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दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
तसलीमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने दावा किया कि CJP के आंदोलन को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान बाहरी लोगों को भेजा गया ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। दीपके ने कहा मैं पहले ही कह चुका था कि बाहर से लोगों को भेजकर हमारे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश होगी। हम संविधान के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद संदिग्ध लोगों की एंट्री कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।
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दिल्ली पुलिस पर भी लगाए आरोप
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर के पीछे पत्थरों से भरा ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन पहले से मौजूद थी।उन्होंने कहा जहां मेरी बिना जांच के एंट्री नहीं होती थी, वहां इतने लोगों की एंट्री कैसे हो गई? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि दीपके के इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।












