सीजफायर के बावजूद तनाव बढ़ा :इजराइल की बमबारी से लेबनान में तबाही, 5 की मौत

यरूशलम। इजराइल और हिज़बुल्लाह के बीच शुक्रवार को संघर्ष विराम (सीजफायर) पर सहमति बनी थी, लेकिन यह समझौता ज्यादा देर टिक नहीं सका। शनिवार को इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में फिर से हवाई हमले किए, जिससे हालात और बिगड़ गए। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है।
नबातिएह में भीषण बमबारी, घरों को नुकसान
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी NNA के अनुसार, इजराइली लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने सुबह तक नबातिएह क्षेत्र में कई स्थानों पर हमले किए। इन हमलों में रिहायशी इमारतों और घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही इज़राइली सेना ने तोपखाने से भी गोलाबारी की, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
शुक्रवार को 47 लोगों की मौत का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को लेबनान के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में इज़राइली हवाई हमलों में 47 लोगों की मौत हुई थी। यह हिंसा उस समझौते के तुरंत बाद हुई, जिसे पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था।
इजराइली सेना का दावा: हिजबुल्लाह के कई लड़ाके ढेर
इजराइली सेना ने दावा किया है कि शुक्रवार को हुए जवाबी अभियानों में उसके 4 सैनिक मारे गए। सेना के मुताबिक, उसने लेबनान में 150 से अधिक हमले किए और दर्जनों हिजबुल्लाह आतंकवादियों” को मार गिराया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद तनाव बरकरार
अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से सीजफायर की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी हालात पर इसका असर सीमित दिखा। अमेरिका में इज़राइल के राजदूत ने कहा था कि यदि हिज़बुल्लाह समझौते का पालन करता है, तो इज़राइल भी युद्धविराम का पालन करेगा।
अमेरिका–ईरान वार्ता और क्षेत्रीय कूटनीति
इस बीच, CNN की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते के बाद आगे की शर्तों पर बातचीत के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। इस वार्ता में जेरेड कुशनर की भी भूमिका हो सकती है। वहीं, एक्सियोस के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी वार्ता में शामिल हो सकते हैं।
युद्धविराम पर अनिश्चितता
हालांकि अमेरिका और कतर ने मध्यस्थता से युद्धविराम की कोशिश की थी, लेकिन दोनों पक्षों के लगातार हमलों ने इसकी स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक राजनीतिक स्तर पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक क्षेत्र में तनाव कम होना मुश्किल है।
पिछले 24 घंटे में सामने आए 5 बड़े अपडेट्स
1. ईरान–अमेरिका वार्ता टली, कूटनीतिक कोशिशों को झटका
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित पहली औपचारिक वार्ता को टाल दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में इज़राइल के लगातार सैन्य हमलों को लेकर दोनों पक्षों में गंभीर मतभेद बने हुए हैं। हालांकि CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ फिर भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं, जिससे बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
2. लेबनान में भीषण हमले, 47 लोगों की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में इज़राइली हवाई हमलों में शुक्रवार देर रात से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 97 लोग घायल हुए हैं। 2 मार्च के बाद से जारी संघर्ष में मरने वालों की कुल संख्या लगभग 3,980 तक पहुंच गई है, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
3. होर्मुज स्ट्रेट में हलचल, जहाजों की आवाजाही बढ़ी
अमेरिका–ईरान समझौते के बाद 18 जून को होर्मुज स्ट्रेट से 25 वाणिज्यिक जहाज गुजरे, जो अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। हालांकि, अभी भी 500 से अधिक जहाज और करीब 11,000 नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है।
4. ट्रम्प का सख्त बयान: ईरान को आर्थिक राहत नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट कहा है कि ईरान को अगले 60 दिनों तक अमेरिका से कोई आर्थिक लाभ या “एक पैसा भी” नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि अमेरिका किसी मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद बातचीत के लिए आगे बढ़ा है, जिससे कूटनीतिक दबाव और बढ़ गया है।
5. पाकिस्तान- सऊदी बातचीत, क्षेत्रीय शांति पर जोर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और आगे की कूटनीतिक वार्ता को संवाद के जरिए आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
इराक में तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
ईरान संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच इराक अपने तेल उत्पादन को पहले स्तर पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है। इराकी न्यूज एजेंसी INA के मुताबिक, तेल मंत्रालय के प्रवक्ता सलीम फरहूद ने कहा कि युद्ध के प्रभाव से उत्पादन लगभग 60% गिर गया था। यह 3.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर करीब 1.3 मिलियन बैरल रह गया, जिसे अब फिर से बढ़ाकर 3 मिलियन बैरल तक ले जाने की योजना है।











