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भोपाल में गरजीं उमा भारती!कहा- आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता, जब तक...?

भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने तीखे और सीधे बयान से राजनीतिक माहौल गरमा दिया। अपने संबोधन में समाज की एकता और जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि समाज की असली ताकत अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।
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कहा- आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता, जब तक...?
उमा भारती

भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में सामाजिक बराबरी लाने के लिए आरक्षण बेहद जरूरी है और इसे आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता।
उमा भारती ने अपने भाषण में समाज की असमानताओं और जातिगत भेदभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में लंबे समय तक समाज जाति के आधार पर बंटा रहा, जिससे आर्थिक और सामाजिक असमानता गहरी हो गई। ऐसे में आरक्षण उन कमजोर वर्गों को आगे लाने का एक जरूरी माध्यम है।

जब तक सब एक स्कूल में नहीं पढ़ेंगे

उमा भारती ने अपने बयान में एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के बच्चे भी गरीब परिवारों के बच्चों के साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक असली समानता नहीं आ सकती।

उन्होंने कहा, जब तक सब एक साथ एक ही स्कूल में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उनका कहना था कि कानून बनाकर बराबरी लाना आसान है, लेकिन समाज में व्यवहारिक बदलाव लाना सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक शिक्षा और अवसर सभी के लिए बराबर नहीं होंगे, तब तक आरक्षण जरूरी रहेगा।

'देश को अब तीसरी आजादी की जरूरत'

उमा भारती ने अपने भाषण में तीसरी आजादी की बात भी कही। उन्होंने बताया कि भारत को पहली आजादी 1947 में अंग्रेजों से मिली थी, लेकिन अब जरूरत है सामाजिक असमानता से आजादी की। उन्होंने कहा कि अब देश को एक नई लड़ाई लड़नी होगी, जो समानता और अधिकारों के लिए होगी। यह लड़ाई समाज में फैले भेदभाव को खत्म करने के लिए होगी।

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भारतीय संस्कृति में भेदभाव की जगह नहीं

उमा भारती ने भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे देश की परंपरा बहुत समृद्ध है। यहां पेड़-पौधों, जानवरों और प्रकृति की भी पूजा की जाती है। ऐसी संस्कृति में भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज को अपनी जड़ों को समझना होगा और उसी के अनुसार व्यवहार करना होगा। अगर हम अपनी संस्कृति को सही मायनों में अपनाएं, तो भेदभाव अपने आप खत्म हो जाएगा।

लोधी समाज की ताकत पर जोर

अपने संबोधन में उमा भारती ने लोधी समाज की ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह समाज संख्या में बड़ा है और राजनीतिक रूप से भी मजबूत है। उन्होंने समाज के लोगों को जागरूक होने का संदेश देते हुए कहा, अभी तो शेर गुफा में है, इसलिए मक्खियां भी काट रही हैं। जिस दिन आप हुंकार भरोगे, पूरा जंगल खाली हो जाएगा।

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मोदी सरकार और नई आजादी पर टिप्पणी

उमा भारती ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश को असली सोच और विचारों की आजादी 2014 के बाद मिली। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने देश और धर्म के लिए अपनी कुर्सी तक छोड़ दी। इसी सोच ने देश को नई दिशा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि देश आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भारत और मजबूत होगा।

इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान और POK को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब पाकिस्तान को भारत के सामने झुकना पड़ेगा।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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