
भोपाल में अब प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। पुलिस आयुक्त द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीनों तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश में साफ किया गया है कि ये सभी चौराहे शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए आवागमन होता है। इन स्थानों पर धरना-प्रदर्शन होने से यातायात बाधित हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
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पुलिस के अनुसार, इन चौराहों पर अक्सर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती रही है। लेकिन इन स्थानों पर कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रदर्शन के दौरान पूरा ट्रैफिक प्रभावित हो जाता है। खासतौर पर पॉलिटेक्निक चौराहा ऐसा प्रमुख बिंदु है, जहां से एयरपोर्ट और बड़े अस्पतालों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता गुजरता है। ऐसे में यहां जाम लगने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन चौराहों पर होने वाले आंदोलनों के कारण वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट भी प्रभावित होता है। इसके अलावा शहर की सामान्य जनसुविधाएं भी बाधित होती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आदेश जारी किया
पुलिस आयुक्त ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संगठन या समूह को इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना, प्रदर्शन या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दरअसल पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आम जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए इन प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करना आवश्यक हो गया था।