भोपाल में NSUI का डीईओ कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन, NCERT मॉड्यूल की जलाईं प्रतियां, आंदोलन की दी चेतावनी

भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा प्रकाशित नवीनतम मॉड्यूल/शैक्षणिक सामग्री रही, जिसमें भारत विभाजन (Partition of India) से जुड़े तथ्यों को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस मॉड्यूल में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को अनुचित रूप से विभाजन का जिम्मेदार ठहराया गया है।
डीईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित मॉड्यूल की प्रतियां जलाईं। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को एनसीईआरटी के निदेशक के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शिक्षा सामग्री में की गई यह प्रस्तुति न केवल भ्रामक है, बल्कि विद्यार्थियों को गलत दिशा देने का प्रयास है।
कांग्रेस पर विभाजन का ठीकरा फोड़ने का आरोप
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनसीईआरटी मॉड्यूल में विभाजन की पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस पर थोपने का प्रयास किया गया है। यह ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है। विभाजन कई जटिल कारणों और परिस्थितियों का परिणाम था, ऐसे में किसी एक राजनीतिक दल पर जिम्मेदारी डालना सरासर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश और देशभर में छात्र आंदोलन तेज किए जाएंगे।
स्वतंत्रता सेनानियों की छवि धूमिल करने का आरोप
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष वरुण कुलकर्णी ने कहा कि इस प्रकार की सामग्री कांग्रेस की स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई गई भूमिका को कलंकित करती है और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल सहित तमाम स्वतंत्रता सेनानियों की छवि को धूमिल करती है। वहीं प्रदेश सचिव सैयद अल्तमस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
एनएसयूआई की प्रमुख मांगें
एनएसयूआई ने मांग की है कि आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार विशेषज्ञों एवं अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही निष्पक्ष इतिहासकारों की एक समिति गठित कर सामग्री की समीक्षा की जाए और विद्यार्थियों को तथ्यों पर आधारित निष्पक्ष इतिहास उपलब्ध कराया जाए।
एनएसयूआई ने आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस और एनएसयूआई सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं रवि परमार ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, यदि एनसीईआरटी ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो प्रदेश और देशभर में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन किए जाएंगे।
प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल
प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार, वरुण कुलकर्णी, जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर, प्रदेश सचिव सैयद अल्तमस, गैर तकनीकी महाविद्यालय प्रमुख आशीष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, सोहन मेवाड़ा, यतेंद्र राजपूत, देव अवस्थी, हर्ष प्रसाद, अभय रामभक्त, लक्की चौबे, अनिमेष गोल्डी, आकांक्षित राय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।












