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Bhopal News :हमीदिया अस्पताल में 2 नवजातों के मिले अधजले शव, पुरानी टंकी में कचरे के साथ फेंके गए थे

भोपाल के हमीदिया अस्पताल परिसर में मॉर्चुरी के पास स्थित पुरानी पानी की टंकी में दो नवजात शिशुओं के अधजले शव मिले। दोनों शव प्लास्टिक और पन्नी में लपेटकर कचरे में फेंके गए थे। आग बुझने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम और डीएनए जांच के लिए शव भेजे।
हमीदिया अस्पताल में 2 नवजातों के मिले अधजले शव, पुरानी टंकी में कचरे के साथ फेंके गए थे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल में बुधवार तड़के दो नवजात शिशुओं के अधजले शव मिलने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस सनसनीखेज घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और Hospital Safety Standards पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी पानी की टंकी को लंबे समय से डस्टबिन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें आग लगने के बाद शवों का पता चला। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    कैसे हुआ खुलासा

    सुबह कचरे में लगी आग को बुझाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग काबू में आने के बाद जब टंकी की जांच की गई, तो दो नवजात बच्चों के जले हुए शव दिखाई दिए। शवों पर जली हुई पन्नी और प्लास्टिक चिपकी मिली, जिससे संकेत मिलता है कि बच्चों को किसी तरह लपेटकर टंकी में फेंका गया था। पुलिस को घटना की जानकारी दोपहर करीब दो बजे दी गई।

    शवों की स्थिति और पोस्टमॉर्टम

    पुलिस के अनुसार, एक नवजात लगभग 90% जला हुआ था, जबकि दूसरे का शरीर आंशिक रूप से जला मिला। पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शव मॉर्चुरी भेजे गए। पांच डॉक्टरों की टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि नवजात पहले से मृत थे या आग में ही उनकी मृत्यु हुई।

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    संभावित मामला और सबूत

    टंकी से निकाले गए कचरे में अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बेडशीट भी मिली। इससे पुलिस का मानना है कि, नवजातों को बेडशीट और पन्नी में लपेटकर फेंका गया और बाद में आग लगा दी गई। पुलिस ने डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने और संबंधित रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए हैं।

    अस्पताल की लापरवाही

    टीआई केजी शुक्ला ने बताया कि, मॉर्चुरी के पास स्थित यह पुरानी टंकी लंबे समय से कचरे के लिए इस्तेमाल होती रही है। अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था ठीक से नहीं थी और मॉर्चुरी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी भी खराब थी। फुटेज अस्पष्ट होने की वजह से घटना का तुरंत पता नहीं चल सका।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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