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पुलिस वाले की कार से नशे में धुत छात्र 8 किमी तक लागों को रौंदता रहा,40 घायल, एक गंभीर

भोपाल में नशे में धुत कॉलेज छात्र ने रेलवे स्टेशन से मिनाल रेसीडेंसी तक तेज रफ्तार कार दौड़ाते हुए करीब 40 लोगों को टक्कर मार दी। महिलाएं, बच्चे और राहगीर घायल हुए। कार पंक्चर होने के बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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40 घायल, एक गंभीर
आरोपी सर्वा दुबे और आदित्य

भोपाल में शनिवार रात का मंजर लोगों के लिए किसी डरावने हादसे से कम नहीं था। शहर की सड़कों पर एक तेज रफ्तार कार करीब 8 किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ती रही। कार चला रहा 19 साल का कॉलेज छात्र सर्वा दुवे नशे में था और रास्ते में जो भी सामने आया, उसे टक्कर मारता चला गया। रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-1 से शुरू हुआ यह खौफनाक सफर मिनाल रेसीडेंसी तक पहुंचा, जहां कार पंक्चर होने के बाद जाकर रुकी। इस पूरे घटनाक्रम में महिलाओं, बच्चों सहित कुल 40 लाेग घायल हुए हैं जिसमें से 1 बच्चे की हालत गंभीर है। घटना के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर तीन थाना क्षेत्रों से गुजरती इस कार को पुलिस समय रहते क्यों नहीं रोक सकी। लोग खुद अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी का पीछा करते रहे, लेकिन पुलिस पीछे नजर आई।

जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे छात्र

जानकारी के मुताबिक, पुष्पा नगर निवासी 19 वर्षीय सर्वा दुबे निजी कॉलेज में बीएएलएलबी का छात्र है। शनिवार रात वह अपने दोस्तों के साथ बैरागढ़ में जन्मदिन की पार्टी मनाकर लौट रहा था। कार उसके दोस्त आदित्य हरियालिया की बताई जा रही है। आदित्य के पिता नरेंद्र हरियालिया एसएएफ में सब इंस्पेक्टर हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी में चारों दोस्तों ने शराब पी थी। रात करीब 8:45 बजे रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पास सर्वा दुबे ने सबसे पहले एक राहगीर को टक्कर मारी। हादसे के बाद कार रोकने के बजाय उसने स्पीड और बढ़ा दी।

रास्ते में जो मिला, उसे मारता चला गया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार इतनी तेज थी कि लोग संभल भी नहीं पाए। आरोपी ने चांदबड़, सेमरा गेट, सब्जी मंडी, कोलुआ और औद्योगिक क्षेत्र तक कई लोगों को टक्कर मारी। इस दौरान बाइक, कार, हाथ ठेले, आइसक्रीम ठेले और सड़क किनारे चल रहे लोग उसकी चपेट में आए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। कई लोग सड़क पर तड़पते रहे, लेकिन आरोपी ने कार नहीं रोकी।

पुलिस से पहले लोगों ने किया पीछा

इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी को रोकने का काम आम लोगों ने किया। लोग अपनी बाइक और कारों से आरोपी का पीछा करते रहे। कई जगह लोगों ने कार को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी और तेजी से भागता रहा। जानकारी के अनुसार, पीछा कर रहे लोगों को डराने के लिए आरोपी ने कई बार कार रिवर्स भी दौड़ाई। इसके बावजूद लोग पीछे नहीं हटे। आखिरकार मिनाल रेसीडेंसी के पास कार का टायर पंक्चर हो गया, जिसके बाद भीड़ ने उसे घेर लिया।

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गुस्साई भीड़ ने कार में की तोड़फोड़

कार रुकते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने आरोपी चालक सर्वा दुबे और कार मालिक आदित्य हरियालिया को बाहर निकालकर जमकर पीटा। मौके पर मौजूद लोगों ने कार में भी तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंची बजरिया थाना पुलिस ने किसी तरह आरोपी चालक को भीड़ से बचाया। जबकि कार मालिक आदित्या हरियालिया को अयोध्या नगर पुलिस ने बचाया। इस दौरान इलाके में भारी तनाव का माहौल बना रहा।

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पुलिस पर उठ रहे बड़े सवाल

घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के पास पहली टक्कर के तुरंत बाद वायरलेस अलर्ट जारी क्यों नहीं किया गया। जब कार लगातार अलग-अलग इलाकों में लोगों को टक्कर मार रही थी, तब नाकाबंदी क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आम नागरिक आरोपी का पीछा कर सकते थे, तो पुलिस उसे समय रहते क्यों नहीं पकड़ सकी। यही वजह रही कि आरोपी करीब 8 किलोमीटर तक शहर में आतंक मचाता रहा।

आरोपी गिरफ्तार, कई धाराओं में केस दर्ज

स्टेशन बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा कौरव ने बताया कि आरोपी चालक सर्वा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हादसे में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली गई है। उन्होंने बताया कि घायल लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त कार में मौजूद अन्य लोग कितने नशे में थे और उनकी भूमिका क्या थी।

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शराब पीकर गाड़ी चलाने पर क्या है कानून?

कानून के मुताबिक, शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध माना जाता है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के 100 मिलीलीटर रक्त में 30 मिलीग्राम से अधिक शराब पाई जाती है, तो यह अपराध माना जाता है। पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार तक जुर्माना या 6 माह तक जेल। दूसरी बार पकड़े जाने पर 15 हजार तक जुर्माना या 2 साल तक जेल। 
संपत्ति को नुकसान पहुंचाना- नशे या लापरवाही में वाहन चलाकर किसी की दीवार, वाहन, दुकान आदि को नुकसान पहुंचाने पर चालक को दुर्घटना की सूचना पुलिस को देना जरूरी है। ऐसा न करने पर 3 माह तक जेल या जुर्माना हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में मुआवजे का दावा कर सकता है। 
टक्कर मारकर घायल करना या भाग जाना- यदि चालक किसी व्यक्ति को घायल कर देता है, तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत 5 साल तक जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यदि चालक दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाता है, तो धारा 106(2) के तहत 10 साल तक जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। गंभीर चोट पहुंचाने पर दोषी को 2 साल तक जेल, जुमार्ना या दोनों की सजा हो सकती है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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