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भिंड में आग का तांडव :तीन मंजिला मकान जलकर खाक, नींद में ही महिला की मौत; 80 लाख से ज्यादा का नुकसान

भिंड जिले के गोरमी में देर रात तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। फर्नीचर की दुकान से शुरू हुई आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। दम घुटने से महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। जानिए पूरी घटना।
तीन मंजिला मकान जलकर खाक, नींद में ही महिला की मौत; 80 लाख से ज्यादा का नुकसान
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भिंड जिले के गोरमी कस्बे में रहने वाले अरुण उपाध्याय के परिवार के लिए मंगलवार की रात जिंदगी की सबसे भयावह रात बन गई। रात करीब 2 बजे उनके तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस हादसे में उनकी पत्नी सुनीता उपाध्याय की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पिता रामसेवक उपाध्याय और 9 साल का बेटा वाशु गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख में बदल गईं।

    फर्नीचर की दुकान से उठी आग, बनी तबाही की वजह

    घटना गोरमी के मेहगांव रोड की है, जहां अरुण उपाध्याय का तीन मंजिला मकान बना हुआ था। मकान की निचली मंजिल पर ‘उपाध्याय फर्नीचर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से उनकी दुकान संचालित होती थी। देर रात अचानक दुकान से धुआं उठता दिखा। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी भयानक रूप ले लेगी। दुकान में रखे फर्नीचर, लकड़ी और इलेक्ट्रॉनिक सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की और देखते ही देखते पूरी इमारत आग के गोले में बदल गई।

    नींद में ही चली गई महिला की जान

    हादसे के समय पूरा परिवार मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। आग की लपटों से ज्यादा खतरनाक जहरीला धुआं साबित हुआ, जिसने पूरे घर को भर दिया। अरुण उपाध्याय की पत्नी सुनीता उपाध्याय गहरी नींद में थीं और धुएं के कारण उनका दम घुट गया। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।

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    पिता और मासूम बेटा गंभीर रूप से झुलसे

    इस हादसे में अरुण उपाध्याय के पिता रामसेवक उपाध्याय और उनका 9 साल का बेटा वाशु भी बुरी तरह झुलस गए। आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छत के रास्ते परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    आग का विकराल रूप, दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू

    घटना की सूचना मिलते ही गोरमी, मेहगांव और भिंड से फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक मकान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। दीवारों पर जमी कालिख और पिघला हुआ सामान इस भीषण आग की कहानी बयां कर रहा है।

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    80 लाख से ज्यादा का नुकसान

    इस आगजनी में भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। जानकारी के मुताबिक, तीन बाइक, फर्नीचर, फ्रिज, एसी, टीवी और कूलर समेत करीब 80 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह दुकान ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी, ऐसे में यह हादसा उनके लिए आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से बड़ा झटका है।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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