भरत तिवारी एनकाउंटर केस :सुप्रीम कोर्ट से झटका, CBI जांच पर सुनवाई से इनकार; हाईकोर्ट जाने को कहा

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। कथित फर्जी मुठभेड़ की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। इसी दिन भरत तिवारी की तेरहवीं भी आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। परिवार ने एक बार फिर न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें कथित फर्जी एनकाउंटर की CBI से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि, याचिकाकर्ता इस मामले में संबंधित हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने इसे मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया, लेकिन अदालत ने पूछा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट आने की क्या वजह है। साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता की भूमिका और मामले से उसके संबंध पर भी सवाल उठाए। इसके बाद अदालत ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
अब हाईकोर्ट में होगी अगली कानूनी लड़ाई
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मामले में अगला कानूनी विकल्प हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करना है। परिवार और याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी था और निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच जरूरी है। अब इस मांग को लेकर हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की जा सकती है।
आज भरत तिवारी की तेरहवीं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच मंगलवार को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की तेरहवीं आयोजित की जा रही है। आयोजन को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। करीब 25 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि अतिरिक्त 15 हजार लोगों के लिए भी राशन का स्टॉक रखा गया है।
श्राद्ध भोज के लिए बड़े-बड़े टेंट लगाए गए हैं। श्रद्धांजलि सभा के लिए विशाल शामियाना तैयार किया गया है। लोगों के बैठने के लिए हजारों कुर्सियां, आराम के लिए पलंग और गर्मी से राहत देने के लिए कूलर व पंखों की व्यवस्था की गई है। आयोजकों का दावा है कि, बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं।
भरत की मां बोली- हमें सिर्फ हाईकोर्ट पर भरोसा है
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि उन्हें अब सिर्फ हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच टीम और भोजपुर पुलिस पर उन्हें बिल्कुल भरोसा नहीं है।
आशा देवी ने आरोप लगाया कि, बेटे की मौत के कई दिन बाद भी नामजद पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उनका कहना है कि आम लोगों के मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन इस मामले में केवल जांच के नाम पर समय बिताया जा रहा है।
परिवार ने दोहराईं अपनी प्रमुख मांगें
भरत तिवारी के परिवार ने सरकार के सामने अपनी पुरानी मांगों को फिर दोहराया है। इनमें एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, बिलौटी गांव में भरत की प्रतिमा स्थापित करना, उन्हें शहीद का दर्जा देना, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और गांव का नाम बदलकर शहीद भरत तिवारी जवइनिया गांव रखने की मांग शामिल है।
दोषियों पर कार्रवाई नहीं होनें पर दी आंदोलन की चेतावनी
तेरहवीं से पहले परिवार और समर्थकों ने चेतावनी दी है कि, अगर नामजद पुलिसकर्मियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। कई सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने भी आंदोलन तेज करने की बात कही है। श्रीराम सेना के अध्यक्ष बिशु दुबे ने भी बिलौटी गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और कहा कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बिहार बंद और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
भाई ने कहा- पुलिस सिर्फ लीपापोती कर रही
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस वास्तविक कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि, अगर दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो जनता खुद फैसला करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि, अगर सरकार गांव में भरत का स्मारक नहीं बनवाएगी तो परिवार और ग्रामीण अपने स्तर पर स्मारक का निर्माण करेंगे।
राष्ट्रपति सचिवालय ने भी लिया संज्ञान
इस मामले में राष्ट्रपति सचिवालय ने भी संज्ञान लिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह द्वारा राष्ट्रपति को भेजी गई ईमेल याचिका के आधार पर सचिवालय ने बिहार के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने और याचिकाकर्ता को भी उसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। याचिका में नामजद पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता ने दावा किया है कि, भरत तिवारी ने अपने जीवनकाल में गांव के विकास से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और अधिकारियों की भूमिका की जानकारी भी उन्हें दी थी।
ब्रह्मभोज में विशेष तैयारी
भरत तिवारी के घर ब्रह्मभोज की तैयारियां भी बड़े स्तर पर चल रही हैं। यहां पूर्वांचल की प्रसिद्ध 'हाथीकान पूड़ी' बनाई जा रही है, जो सामान्य पूड़ी से कई गुना बड़ी होती है। आयोजन में आने वाले हजारों लोगों के लिए लगातार भोजन तैयार किया जा रहा है।
लोगों में अब भी न्याय की मांग
एनकाउंटर स्थल और गांव में बड़ी संख्या में लोग जुटकर भरत तिवारी अमर रहे और न्याय दो के नारे लगा रहे हैं। गांव के बाहर लगाए गए पोस्टरों में #JusticeForBharatTiwari अभियान भी चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर केस: पूरी टाइमलाइन
16 जून 2026: पुलिस के सामने हथियार लेकर भरत तिवारी का वीडियो सामने आया।
17 जून: पुलिस एनकाउंटर में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत।
18 जून: बिहार में विरोध प्रदर्शन शुरू।
20 जून: SHO समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित, न्यायिक जांच के आदेश।
21 जून: CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल।
22 जून: मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार से रिपोर्ट मांगी।
23 जून: मां की शिकायत पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज।
24 जून: महापंचायत आयोजित हुई।
26 जून: न्यायिक जांच टीम ने परिवार से मुलाकात की।
27 जून: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई।
28 जून: हथियार फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए।
29 जून: राष्ट्रपति सचिवालय ने मामले पर संज्ञान लिया।
30 जून: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।











