Shivani Gupta
19 Jan 2026
7 सितंबर 2025 को भादो पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस बार यह दिन और भी खास है क्योंकि इसी रात साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्रग्रहण भी लगेगा। अध्यात्म के दृष्टिकोण से इस पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा। वैसे तो साल में आने वाली हर पूर्णिमा शुभ मानी जाती है, लेकिन इस बार की पूर्णिमा देवताओं के लिए भी विशेष मानी गई है। इस दिन व्रत रखने का विधान है और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा चंद्रदेव की पूजा का महत्व है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि 6 सितंबर 2025 को रात 1 बजकर 41 मिनट से शुरू होगी और 7 सितंबर 2025 को रात 11 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि उदया तिथि 7 सितंबर को पड़ रही है, इसलिए व्रत-पूजन इसी दिन किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यदि भादो पूर्णिमा पर तुलसी से जुड़े कुछ खास उपाय किए जाएं, तो उनका प्रभाव दोगुना मिलता है।
शांति और सुख-समृद्धि के लिए – इस दिन सुबह तुलसी का नया पौधा घर लाएं और उसे उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।
व्यवसाय और नौकरी में तरक्की के लिए – तुलसी की एक टहनी पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी, दुकान या ऑफिस में रखें। इससे रुका हुआ धन मिलने लगता है और करियर में उन्नति के अवसर खुलते हैं।
आर्थिक संकट दूर करने के लिए – सुबह तुलसी के 11 पत्ते तोड़ें और उन्हें लाल कपड़े में बांधकर घर के मुख्य दरवाजे की चौखट पर टांग दें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है।