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बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है, जिन्हें विद्या, बुद्धि, वाणी और विवेक की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे उनका जन्मोत्सव भी कहा जाता है। इस दिन पूजा करने से ज्ञान बढ़ता है, मन शांत रहता है और पढ़ाई में एकाग्रता आती है।
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 2:28 बजे शुरू होगी
तिथि का समापन 24 जनवरी को रात 1:46 बजे होगा
उदयातिथि के अनुसार, बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
बसंत पंचमी के दिन सुबह का समय पूजा के लिए सबसे शुभ माना गया है।
पूजा का उत्तम समय: सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:54 बजे तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त - 05:26 ए एम से 06:20 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 05:53 ए एम से 07:13 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 12:12 पी एम से 12:54 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:20 पी एम से 03:02 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 05:50 पी एम से 06:17 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 05:53 पी एम से 07:13 पी एम
रवि योग - 02:33 पी एम से 07:13 ए एम, 24 जनवरी
निशिता मुहूर्त - 12:06 ए एम, जनवरी 24 से 01:00 ए एम, 24 जनवरी
बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। सच्चे मन से की गई सरस्वती पूजा जीवन में सफलता और बुद्धि का मार्ग खोलती है।