बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। वाड्रफनगर विकासखंड के शारदापुर गांव में स्कूल परिसर के भीतर निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिर गया। हादसे में छठवीं कक्षा के छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसा ने न सिर्फ एक मासूम की जान ले ली, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र की पहचान आलोक कुमार देवांगन (12 वर्ष) के रूप में हुई है, जो शारदापुर गांव का निवासी था और माध्यमिक शाला खुटहन पारा में कक्षा छठवीं में पढ़ता था। गुरुवार को रोज की तरह आलोक स्कूल आया था। मध्यान्ह भोजन के बाद वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल परिसर में खेल रहा था।
इसी दौरान खेलते-खेलते कुछ बच्चे स्कूल के भीतर बने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास पहुंच गए। आलोक भी उनके पीछे-पीछे वहां चला गया। इसी दौरान उसे पेशाब लगी और वह भवन के छज्जे के नीचे खड़ा हो गया। तभी अचानक निर्माणाधीन भवन का छज्जा भरभराकर नीचे गिर पड़ा और आलोक उसके नीचे दब गया।
छज्जा गिरने की आवाज सुनते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया और गंभीर रूप से घायल आलोक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वाड्रफनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
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इस दर्दनाक हादसे के बाद आलोक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक के पिता रमेश देवांगन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
गांव में मातम पसरा हुआ है। हर आंख नम है और लोग प्रशासन तथा निर्माण एजेंसियों की लापरवाही पर गुस्सा जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, अगर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता।
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारों पर कदम उठाए हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल की हेडमास्टर ममता गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, स्कूल में पदस्थ तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा कि, बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण घटिया गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी के साथ किया जा रहा था। इसी वजह से छज्जा गिरने की आशंका जताई जा रही है। निर्माण में अनियमितता पाए जाने पर गांव के सरपंच और ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और निर्माण से जुड़े अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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वाड्रफनगर जनपद पंचायत के सीईओ निजामुद्दीन खान ने बताया कि, प्रारंभिक जांच में छज्जा गिरने से बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि, पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने मृतक छात्र के परिवार को हर संभव सहायता और उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि, सरकारी योजनाओं के तहत परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्कूल परिसर में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा घेराबंदी और बच्चों की आवाजाही पर रोक जैसे बुनियादी नियमों की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
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