कोयला खदान में मौत का खेल!ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर, लखन पटेल की गई जान, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

कोरबा के दीपका कोयला खदान में ब्लास्टिंग के दौरान उड़ा पत्थर राह चलते लखन पटेल पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोपों के बीच ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों में आक्रोश है। ऊर्जाधानी समिति ने एफआईआर, 50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग की है।
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ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर, लखन पटेल की गई जान, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कोरबा। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान में बुधवार दोपहर हुई ब्लास्टिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर राह चलते व्यक्ति पर गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद खदान प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं।

    ब्लास्टिंग के दौरान उड़ा पत्थर, युवक की मौत

    यह हादसा दीपका खदान के सुआभोड़ि फेस पर हुआ। बताया जा रहा है कि ब्लास्टिंग तय सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना कराई जा रही थी। इसी दौरान उड़कर आया एक बड़ा पत्थर ग्राम रेकी निवासी लखन पटेल पर गिर गया। हादसे में लखन की मौके पर ही मौत हो गई।

    सुरक्षा इंतजाम नहीं थे पूरे

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्टिंग से पहले न तो सेफ्टी ज़ोन बनाया गया और न ही आसपास के लोगों और कर्मचारियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। सड़क से गुजर रहे लखन पटेल को किसी तरह की चेतावनी भी नहीं दी गई, जिससे यह हादसा हो गया।

    ग्रामीणों और कर्मचारियों में आक्रोश

    घटना के बाद ग्राम रेकी, सुआभोड़ि और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों के साथ-साथ श्रमिक संगठनों ने भी दीपका खदान प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि खदान में नियमों को नजरअंदाज कर काम कराया जा रहा है।

    ऊर्जाधानी समिति की तीखी प्रतिक्रिया

    ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने इस घटना को दुर्घटना नहीं बल्कि प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत बताया। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक सड़कों के पास बिना सुरक्षा के भारी ब्लास्टिंग करना लोगों की जान से खिलवाड़ है।

    FIR, मुआवजा और नौकरी की मांग

    समिति ने मांग की है कि खान सुरक्षा निदेशालय (DGMS) और एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। मृतक लखन पटेल के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार एसईसीएल में स्थायी नौकरी दी जाए।

    ब्लास्टिंग की समीक्षा और काम बंद करने की मांग

    समिति ने दीपका क्षेत्र में चल रही ब्लास्टिंग की तत्काल समीक्षा की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही मांग की गई है कि न्याय मिलने तक सुआभोड़ि फेस का काम बंद रखा जाए।

    आंदोलन की चेतावनी

    अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन और प्रशासन ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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