नई दिल्ली। लखनऊ के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला अमेरिका से भारत लौट आए हैं। उन्होंने हाल ही में एक्सियम मिशन-4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। 17 अगस्त की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ISRO के वैज्ञानिक और उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शुभांशु अपनी पत्नी कामना और बेटे किआश के साथ एयरपोर्ट पहुंचे।
शुभांशु आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वे बेंगलुरु जाएंगे और 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके होमटाउन लखनऊ में स्वागत समारोह 25 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
शुभांशु शुक्ला 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केप कैनावरल से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से अंतरिक्ष की यात्रा पर रवाना हुए। 26 जून को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचकर 18 दिन बिताए और 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग तथा 20 अवेयरनेस सेशन किए। मिशन-4 में उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के टिबोर कापु भी थे।
विमान में बैठते ही शुभांशु ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें अपने अंतरिक्ष मिशन के दौरान मिले दोस्तों और परिवार को छोड़ने का दुख है, लेकिन देश और परिवार से मिलने की खुशी है। उन्होंने अपनी कमांडर पैगी व्हिटसन की बात को याद करते हुए कहा, "अंतरिक्ष उड़ान में एकमात्र स्थिर चीज बदलाव है।"
शुभांशु की मां आशा शुक्ला ने दैनिक भास्कर से कहा, “दुनिया के लिए वह सेलिब्रिटी हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए अब भी नन्हा बेटा हैं। उन्हें सीने से लगाकर बहुत सारा प्यार-दुलार करूंगी। उनका लखनऊ में स्वागत हमारे लिए गर्व का पल है।”
शुभांशु ने अपनी स्कूली पढ़ाई सिटी मॉन्टेसरी स्कूल अलीगंज में की थी। उनके स्वागत में एयरपोर्ट से लेकर CMS गोमतीनगर एक्सटेंशन तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद CMS में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आमंत्रित हैं।
शुभांशु का अनुभव भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम 'गगनयान' में अहम भूमिका निभाएगा। उनके द्वारा अंतरिक्ष में किए गए प्रयोग कृषि, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। शुभांशु भारत लौटकर युवा पीढ़ी में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उत्साह और प्रेरणा फैलाने में भी मदद करेंगे।
शुभांशु शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले दूसरे भारतीय और पहले भारतीय वायुसेना के पायलट हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी। शुभांशु का अनुभव भारत के भविष्य के मानवयुक्त मिशनों, अंतरिक्ष अनुसंधान और गगनयान कार्यक्रम में अमूल्य साबित होगा।
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