नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर मंगलवार को तीखी बहस हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा “जो लोग वंदे मातरम् के महत्व को नहीं जानते, वे इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं।” वहीं एक दिन पहले लोकसभा में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया था कि यह गीत 150 वर्षों से देश की आत्मा का हिस्सा है, फिर इसे आज बहस का मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है।
साथ ही प्रियंका ने आरोप लगाया कि “क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा है, और मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।” इसलिए वे अभी से वोटर्स को साधने में लगे हैं।
दरअसल, राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार की ओर से वर्षभर का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में 2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी, ताकि आयोजन से जुड़ी रूपरेखा और कार्यक्रमों पर चर्चा की जा सके।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि “यह सही है कि वंदे मातरम् के रचनाकार बंकिम बाबू बंगाल में पैदा हुए और गीत की रचना भी वहीं हुई। यह आनंदमठ में समाहित हुआ और उसका पूरा बैकग्राउंड बंगाल से जुड़ा था।" लेकिन शाह ने स्पष्ट किया कि यह गीत केवल बंगाल या भारत तक सीमित नहीं रहा। बल्कि दुनिया भर में जहां तक आजादी के दीवाने थे, उन्होंने इसका गुणगान किया।