अजित पवार हादसे वाले एविएशन के विमान का 2023 में भी हुआ था क्रैश, अब AAIB की रिपोर्ट

मुंबई। महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे के बीच VSR एविएशन का सितंबर 2023 में हुआ एक पुराना विमान हादसा फिर चर्चा में है। मुंबई एयरपोर्ट पर हुई इस दुर्घटना की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतिम रिपोर्ट में खराब मौसम, अस्थिर अप्रोच और लैंडिंग के दौरान विमान को संभालने से जुड़ी कमियों को हादसे के संभावित कारणों में शामिल किया गया था।
खराब मौसम में रनवे पर उतरते समय हुआ हादसा
AAIB की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 सितंबर 2023 को विशाखापत्तनम से मुंबई आ रही VSR एविएशन की एक चार्टर फ्लाइट को रनवे 27 पर उतरने की अनुमति मिली थी। उस समय मुंबई एयरपोर्ट पर भारी बारिश हो रही थी और दृश्यता कम थी।
लैंडिंग के दौरान विमान की अप्रोच स्थिर नहीं थी। विमान पहले रनवे के बाईं ओर गया और फिर दाईं ओर खिसकने लगा। ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने के करीब 40 सेकंड बाद कॉकपिट में स्टिक शेकर और स्टॉल की चेतावनी सुनाई दी।
इसके बाद विमान टैक्सीवे के पास क्रैश लैंड हुआ और फिसलते हुए कच्चे हिस्से में जाकर रुक गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। विमान में सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन दो क्रू सदस्यों और छह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
पायलटों के फैसले पर उठे सवाल
AAIB ने दुर्घटना का संभावित कारण खराब मौसम के बावजूद अस्थिर अप्रोच जारी रखने और विमान को अनुचित तरीके से संभालने के फैसले को बताया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके चलते कम ऊंचाई पर एरोडायनामिक स्टॉल हुआ और विमान को संभालना संभव नहीं हो पाया।
रिपोर्ट में फ्लाइट क्रू की ओर से मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन नहीं करने और VSR एविएशन के आंतरिक ऑडिट में मिली कमियों का भी उल्लेख किया गया है।
अजित पवार के विमान हादसे से क्या है कनेक्शन?
VSR एविएशन का नाम दोबारा चर्चा में आने की वजह अजित पवार का विमान हादसा है। अजित पवार जिस लियरजेट विमान में सवार थे, वह भी VSR एविएशन से जुड़ा था। बारामती में हुए इस हादसे में अजित पवार समेत कई लोगों की मौत हो गई थी।
हालांकि, दोनों दुर्घटनाओं में एक ही विमानन कंपनी का नाम सामने आने से यह साबित नहीं होता कि दोनों हादसों के कारण भी एक जैसे थे। अजित पवार के विमान हादसे की वजह जानने के लिए उस दुर्घटना की आधिकारिक जांच और उसके निष्कर्षों को अलग से देखना जरूरी है।




















