अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा :टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए Air India और IndiGo के विमान, सिर्फ 200 मीटर दूर थे दोनों

अहमदाबाद। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ी विमान दुर्घटना होते-होते टल गई। मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी दौरान अहमदाबाद से मुंबई रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-5160 टेकऑफ की तैयारी में टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी। बताया गया कि एअर इंडिया का विमान निर्धारित रास्ते के बजाय गलती से दूसरे टैक्सीवे पर मुड़ गया, जिसके कारण दोनों विमान आमने-सामने आ गए। हालांकि पायलटों की सतर्कता और एयरपोर्ट के सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया और कोई दुर्घटना नहीं हुई।
दोनों विमानों के बीच कितनी दूरी थी?
जानकारी के अनुसार, जब दोनों विमान आमने-सामने आए तब उनके बीच करीब 200 मीटर की दूरी थी। यह दूरी इतनी थी कि दोनों पायलट स्थिति को समझकर विमान रोक सकें। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा प्रक्रिया लागू की और दोनों विमानों की मूवमेंट रोक दी गई।
एअर इंडिया ने मानी गलती
एअर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची उसकी फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद टैक्सी करते समय अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी। एयरलाइन ने कहा कि, इस दौरान यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ। विमान को बाद में विशेष वाहन की मदद से टो करके सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। एअर इंडिया ने यह भी बताया कि, घटना की जानकारी विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इंडिगो ने क्या कहा?
इंडिगो ने अपने बयान में बताया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में उनके रास्ते में आ गया। एयरलाइन के मुताबिक, दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया था और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। बाद में एअर इंडिया के विमान को हटाया गया, जिसके बाद इंडिगो की उड़ान सुरक्षित रूप से मुंबई के लिए रवाना हुई। इस घटना के कारण फ्लाइट को करीब 20 मिनट की देरी का सामना करना पड़ा।
टैक्सीवे क्या होता है और इसका क्या काम है?
टैक्सीवे एयरपोर्ट पर बना वह विशेष मार्ग होता है, जो रनवे और पार्किंग एरिया को जोड़ता है। जब कोई विमान उड़ान भरने के लिए पार्किंग बे से रनवे तक जाता है या लैंडिंग के बाद रनवे से पार्किंग बे तक पहुंचता है, तब वह टैक्सीवे का इस्तेमाल करता है। आसान भाषा में कहें तो रनवे विमान के लिए हाईवे की तरह होता है, जबकि टैक्सीवे उस हाईवे तक पहुंचने वाली सड़क की तरह काम करता है। अहमदाबाद की घटना भी इसी टैक्सीवे पर हुई थी।
एयरपोर्ट के तीन महत्वपूर्ण हिस्से
किसी भी एयरपोर्ट के संचालन में तीन हिस्सों की अहम भूमिका होती है। पहला रनवे, जहां विमान उड़ान भरते और उतरते हैं। दूसरा टैक्सीवे, जो रनवे और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ता है। तीसरा पार्किंग बे, जहां विमान खड़े किए जाते हैं और यात्री चढ़ते या उतरते हैं। अहमदाबाद की घटना में एअर इंडिया का विमान पार्किंग बे की ओर जा रहा था, लेकिन गलत मोड़ लेने के कारण वह इंडिगो विमान के सामने पहुंच गया।
टो करके हटाया गया एअर इंडिया का विमान
घटना के बाद एअर इंडिया के विमान को वहीं रोक दिया गया। बाद में एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ ने विशेष टो वाहन की मदद से विमान को पीछे खींचकर सही मार्ग पर लाया और उसे निर्धारित पार्किंग बे तक पहुंचाया। इसके बाद इंडिगो के विमान को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई और एयरपोर्ट का संचालन सामान्य किया गया।
दोनों विमान Airbus A320 श्रेणी के थे
घटना में शामिल दोनों विमान एयरबस A320 कैटेगरी के नैरो-बॉडी विमान थे। यह विमान दुनिया भर में घरेलू और कम दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों में शामिल हैं। एअर इंडिया के विमान में 164 यात्री सवार होने की जानकारी सामने आई है, जबकि इंडिगो विमान में यात्रियों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
Airbus A320 क्यों है इतना लोकप्रिय?
एयरबस A320 एक सिंगल-आइल यानी एक गलियारे वाला विमान है, जिसे नैरो-बॉडी कैटेगरी में रखा जाता है। इसमें आमतौर पर 150 से 180 यात्री सफर कर सकते हैं। इसकी उड़ान रेंज लगभग 6,000 किलोमीटर तक होती है और यह करीब 840 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। कम ईंधन खपत, बेहतर सुरक्षा रिकॉर्ड और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त होने के कारण दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस इसका इस्तेमाल करती हैं।
DGCA जांच में क्या देखा जाएगा?
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एअर इंडिया का विमान गलत टैक्सीवे पर कैसे पहुंचा, क्या पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच किसी तरह की गलतफहमी हुई थी और क्या निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया था। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि, घटना मानवीय त्रुटि का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था।











