इंदौर। राऊ थाना क्षेत्र के सिलिकॉन सिटी इलाके में सामने आई 20 लाख रुपये के सोने-चांदी और कीमती आभूषणों की बड़ी चोरी के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी को किसी पेशेवर गिरोह ने नहीं, बल्कि पालक्ष परिसर में रहने वाले युवक और युवती ने अंजाम दिया था, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी।
डीसीपी लालकृष्ण चंदानी ने बताया कि चोरी करने वाला युवक महज 18 साल का है और पहले टीसीएस में ग्राफिक डिजाइनिंग का काम करता था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के चलते उसकी नौकरी चली गई, जिसके बाद वह आर्थिक संकट में आ गया। वहीं, उसके साथ वारदात में शामिल युवती नीट की तैयारी कर रही थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
नौकरी छिनते ही बदली नीयत, किराया भरने तक के नहीं थे पैसे
पुलिस के अनुसार युवक की नौकरी जाने के बाद दोनों को किराए के मकान और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भारी परेशानी होने लगी थी। आर्थिक तंगी ने धीरे-धीरे दोनों को अपराध की राह पर धकेल दिया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दो महीने पहले युवक-युवती एक ज्वेलरी शॉप पर ग्राहक बनकर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कीमती आभूषणों की खरीदारी की थी और दुकान की सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से परख लिया था।
सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी चोरी की वजह
ज्वेलरी शॉप में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का फायदा उठाते हुए दोनों ने योजना बनाई और मौके की तलाश में रहे। सही समय मिलते ही उन्होंने करीब 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। चोरी के बाद दोनों ने खुद को शक से दूर रखने के लिए क्रिसमस की छुट्टियां मनाने भोपाल का रुख कर लिया, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।
सीसीटीवी में कैद हुए थी वारदात
48 घंटे में पुलिस ने खोली पूरी साजिश
राऊ पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के आधार पर महज 48 घंटे के भीतर चोरी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस वारदात के पीछे और भी कोई शामिल तो नहीं है।
युवा अपराध की ओर क्यों बढ़ रहे? फिर उठा बड़ा सवाल
कम उम्र, पढ़ाई और नामी कंपनी की नौकरी… इसके बावजूद अपराध की राह चुनना कई सवाल खड़े करता है। एआई के कारण नौकरी जाने और आर्थिक दबाव को पुलिस इस चोरी की बड़ी वजह मान रही है, लेकिन यह मामला शहर में बढ़ते युवा अपराध की एक और डरावनी तस्वीर भी पेश करता है।