ढाका। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद गठित अंतरिम सरकार के मंत्रियों की संपत्ति में तेज़ बढ़ोतरी सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस की संपत्ति में बीते एक साल के दौरान लगभग 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।जानकारी के अनुसार, यूनुस की कुल संपत्ति अब करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये पहुंच गई है। इसमें लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरिम सरकार के शीर्ष चार मंत्रियों में संपत्ति के लिहाज से सबसे अधिक वृद्धि यूनुस की बताई जा रही है।
सूची में दूसरे स्थान पर आवास मंत्री अदीलूर रहमान हैं, जिनकी संपत्ति में करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर अंतरिम सरकार के 21 मंत्रियों में से 18 मंत्रियों की संपत्ति में इजाफा दर्ज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि संपत्ति में अचानक हुई इस बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच चर्चा है कि नए प्रधानमंत्री रहमान मंत्रियों की संपत्ति में हुए इजाफे की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुहम्मद यूनुस एक बार फिर पेरिस में बसने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। बता दें यूनुस बांग्लादेश के इकलौते नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें वर्ष 2006 में माइक्रोफाइनेंस के ज़रिए गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुहम्मद यूनुस एक बार फिर पेरिस में बसने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। यूनुस बांग्लादेश के इकलौते नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें वर्ष 2006 में माइक्रोफाइनेंस के जरिए गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि बांग्लादेश में तारीक रहमान के लौटने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है।
माइक्रोफाइनेंस के क्षेत्र में यूनुस का योगदान ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने ग्रामीण बैंक की स्थापना की, जिसने बिना जमानत के छोटे कर्ज़ देकर लाखों गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनने में मदद की। हालांकि, शेख हसीना के कार्यकाल में यूनुस के खिलाफ भ्रष्टाचार और श्रम कानूनों से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस हुई और कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई थी।