Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
भोपाल। विधान सभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर विधानसभा में मध्यप्रदेश विधानसभा की 7 दशक की यात्रा एवं प्रदेश सरकार के दो वर्ष के कार्यों पर केन्द्रित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 17 दिसंबर का दिन मध्यप्रदेश विधानसभा के इतिहास में महत्वपूर्ण है। इसी दिन मध्यप्रदेश विधानसभा की प्रथम बैठक हुई थी। इस विशेष सत्र में सभी सदस्य विकसित मध्यप्रदेश के विजन को धरातल पर उतारने के लिए क्या कदम उठाना चाहिए इस पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के इसी विज़न पर सदन में चर्चा होगी। प्रातः 10.00 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल विधानसभा परिसर में विधानसभा की 7 दशक की यात्रा पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शनी मे 136 चित्र लगाए गए हैं। इसमें कुछ दुर्लभ चित्र भी सम्मिलित हैं। ये चित्र प्रथम विधानसभा से वर्तमान सोलहवीं विधानसभा के विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों के हैं।
यह प्रदर्शनी विशेषकर विद्यार्थियों के साथ विशिष्ष्ट जनों एवं आम नागारिकों के लिए भी खुली रहेगी, 18 से 25 दिसंबर के बीच विधानसभा में प्रवेश पत्र बनवा कर प्रदर्शनी देख सकते हैं। प्रवेश पत्र के लिए आधार कार्ड, स्कूल, कॉलेज का परिचय पत्र भी लाना आवश्यक रहेगा। इस प्रदर्शनी के साथ मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों के भी छाया चित्र लगाए गए हैं, जिसमें प्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कामकाज का लेखा−जोखा रखा गया है।
मप्र विधान सभा के प्रथम सत्र की अवधि 17 दिसंबर, 1956 से 17 जनवरी, 1957 थी, सत्र की पहली बैठक 17 दिसंबर 1956 को आहूत हुई थी। तब से अब तक 16 विधानसभा गठित हो चुकी हैं। प्रदेश के विकास एवं आमजन के कल्याण में मध्यप्रदेश विधानसभा एवं सदस्यों का सदैव सक्रिय योगदान एवं भूमिका रही है। प्रथम विधानसभा से अब तक विधानसभा के 19 अध्यक्ष आसंदी पर रहे हैं।