इंदौर नगर निगम का वार्षिक बजट मंगलवार को परिषद भवन में पेश किया गया, जिस पर 8 अप्रैल को परिषद सम्मेलन में चर्चा होगी। हर साल की तरह इस बार भी बजट के आंकड़ों और वास्तविक आर्थिक स्थिति के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। कागजों में यह बजट करीब 8 हजार 450 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है, लेकिन निगम की वास्तविक आय-व्यय पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ और ही सामने आती है। बीते वर्ष निगम की कुल आय लगभग 2433 करोड़ रुपए रही, जबकि खर्च करीब 2282 करोड़ रुपए रहा, जिससे साफ है कि बजट का आकार और असली आर्थिक क्षमता में बड़ा फासला बना हुआ है।
संपत्ति कर और जलकर में कोई बढ़ोतरी नहीं
महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा पेश किए गए इस बजट में आम जनता को राहत देते हुए संपत्ति कर और जलकर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। बजट का मुख्य फोकस शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रखा गया है, जिसमें सड़क, पानी और ड्रेनेज कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। अमृत 2.0 योजना के तहत पहले से शुरू परियोजनाओं को गति देने और मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण के लिए प्रावधान किए गए हैं। नगर निगम सीमा में शामिल 29 गांवों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है।
बजट में सड़कों के लिए 500 करोड़, पानी की लाइन के लिए 700 करोड़ और ड्रेनेज के लिए 400 करोड़
बजट में सड़कों के लिए 500 करोड़, पानी की लाइन के लिए 700 करोड़ और ड्रेनेज के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है, लेकिन कोई नई बड़ी योजना या सौगात सामने नहीं आई है। साफ तौर पर यह बजट नई घोषणाओं के बजाय पुराने कामों को आगे बढ़ाने तक सीमित नजर आ रहा है।
23 सड़कों और ब्रिज निर्माण को उपलब्धि
बजट पेश करने से पहले महापौर को उनकी पत्नी जूही भार्गव ने विजय तिलक लगाकर शुभकामनाएं दीं, वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी मौजूद रहे। अपने भाषण में महापौर ने नर्मदा पेयजल योजना के चौथे चरण, ग्रीन बॉन्ड के जरिए सोलर प्लांट, 23 सड़कों और ब्रिज निर्माण को उपलब्धि बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में 150 किलोमीटर सड़कों, 700 किलोमीटर ड्रेनेज और 200 किलोमीटर पानी की लाइन का विस्तार किया गया है।
डिजिटलीकरण को भी बजट की खास उपलब्धि
डिजिटलीकरण को भी बजट की खास उपलब्धि बताते हुए निगम के 30 लाख दस्तावेजों को ऑनलाइन करने और 25 हजार घरों को डिजिटल एड्रेस देने का दावा किया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर की उपलब्धियों को गिनाते हुए वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट टू चारकोल, स्मार्ट टॉयलेट और बायो सीएनजी प्लांट विस्तार जैसी योजनाओं का जिक्र किया गया।
बजट भाषण की शुरुआत में महापौर ने भागीरथपुरा हादसे का जिक्र करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि इस घटना से पूरा शहर आहत है। उन्होंने कुछ तत्वों पर शहर की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए इसे निंदनीय बताया और स्पष्ट संदेश दिया कि इंदौर की पहचान और सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।