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80वां स्वतंत्रता दिवस पर मोहन भागवत बोले जिम्मेदारी, योगी ने गिनाईं चुनौतियां... मायावती और सम्राट चौधरी ने भी बताया आजादी का मतलब

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ, मायावती और सम्राट चौधरी ने आजादी, संविधान, एकता, गरीबी, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और विकास पर अपने संदेश दिए। वहीं अमित शाह समेत बीजेपी नेताओं ने विभाजन की त्रासदी को याद किया और देश की एकता व सामाजिक सद्भाव मजबूत करने की बात कही।
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80वां स्वतंत्रता दिवस पर मोहन भागवत बोले जिम्मेदारी, योगी ने गिनाईं चुनौतियां... मायावती और सम्राट चौधरी ने भी बताया आजादी का मतलब
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देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को लंबे संघर्ष और हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। इस मौके पर देशभर में तिरंगा फहराया गया और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों को याद किया गया। नेताओं ने भी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आजादी के महत्व और देश के सामने मौजूद जिम्मेदारियों पर अपनी बात रखी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आजादी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हर नागरिक की बताई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी का मतलब सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता से मुक्ति भी है। बसपा प्रमुख मायावती ने संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही के साथ बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आजादी को अधिकार के साथ जिम्मेदारी बताया और राज्य में निवेश, रोजगार तथा महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की योजनाएं गिनाईं। इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी नेताओं ने 1947 के बंटवारे की त्रासदी को याद किया।

मोहन भागवत बोले- आजादी को सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी

80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा फहराया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि 1857 से लेकर आजादी मिलने तक करीब 90 वर्षों तक देश के लोगों ने अलग-अलग तरह से संघर्ष किया। भागवत ने कहा कि लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद मिली आजादी को सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत आजाद हो चुका है और उसकी आजादी बनी रहेगी, लेकिन देश को मजबूत, सुरक्षित और खुशहाल बनाने की जिम्मेदारी अभी पूरी नहीं हुई है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि देश के सामने कई चुनौतियां हैं और उनका सामना करते हुए भारत को अपने मूल विचारों और सिद्धांतों से जुड़े रहना होगा। उन्होंने भारत की दुनिया में बड़ी भूमिका की बात करते हुए कहा कि देश की तरक्की केवल अपनी सीमाओं तक नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भारत को पूरी मानवता के लिए उपयोगी योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ बोले- आजादी का मतलब सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास पर तिरंगा फहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में भारत को लंबे संघर्ष, बलिदान और समर्पण के बाद आजादी मिली। उन्होंने कहा कि देशवासियों ने विदेशी शासन से मुक्ति के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया था। मुख्यमंत्री ने आजादी के मायने को व्यापक बताते हुए कहा कि आजादी का मतलब सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है। उनके मुताबिक अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से मुक्ति भी आजादी का हिस्सा है। योगी ने कहा कि 1947 में देश जिन समस्याओं से जूझ रहा था, उनमें से कई का समाधान पिछले आठ दशकों में हुआ है और बाकी समस्याओं को दूर करने के रास्ते तैयार किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और शिक्षा का दायरा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना किसी एक व्यक्ति, समुदाय या जाति की जिम्मेदारी नहीं है। सभी 140 करोड़ भारतीयों को अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की भी अपील की।

मायावती बोलीं- देश के लोगों को बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिले

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से इस दिन को आपसी भाईचारे और मेलजोल के साथ मनाने की अपील की। मायावती ने अपने संदेश में देश की उच्च संवैधानिक और कानूनी संस्थाओं की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर लोगों को उम्मीद रहती है कि संवैधानिक संस्थाएं संविधान में तय 'चेक एंड बैलेंस' की जिम्मेदारी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर देश के करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं समेत समाज के सभी वर्गों को लोकतंत्र और संविधान का सही लाभ मिल सकेगा। मायावती ने दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति का भी जिक्र किया। बसपा प्रमुख ने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से मुक्त होकर खुशी और खुशहाली वाली जिंदगी मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक इससे लोकतंत्र और संविधान लोगों की उम्मीदों के अनुरूप सार्थक साबित होगा।

सम्राट चौधरी बोले- आजादी केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के गांधी मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली और वंदे मातरम के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित किया। सम्राट चौधरी ने कहा कि आजादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि बिहार की करीब 85 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए महीने के आखिरी रविवार को पंचायत दिवस कार्यक्रम शुरू किए जाने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर 'पुलिस दीदी' योजना का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन से शुरू होने वाली इस योजना के तहत स्कूल और कॉलेजों में 'पुलिस दीदी' की तैनाती की जाएगी। ये पुलिसकर्मी स्कूटी के साथ मौजूद रहेंगी और जरूरत पड़ने पर छात्र-छात्राओं की मदद करेंगी। सम्राट चौधरी ने शिक्षा, उद्योग और खेल को बढ़ावा देने को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने अगले नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा। सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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अमित शाह बोले- देश के बंटवारे का दंश कांग्रेस की देन है

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को केंद्र सरकार ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। केंद्र सरकार 2021 से हर साल 14 अगस्त को यह दिवस मना रही है। इसका उद्देश्य 1947 के विभाजन के दौरान दंगों में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को याद करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 14 अगस्त 1947 को इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक बताया। शाह ने कहा कि इस दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोगों को अपना घर, संपत्ति और अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। अमित शाह ने विभाजन के लिए तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “देश के बंटवारे का यह दंश, जो कांग्रेस की देन है, उसे इतिहास कभी भूल नहीं पाएगा।” उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करने वालों को श्रद्धांजलि दी।

नितिन नवीन बोले- नीतिगत गलतियों और सत्ता की राजनीति ने देश को आघात पहुंचाया

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने उस समय के कांग्रेस नेतृत्व की “नीतिगत गलतियों” और “सत्ता की राजनीति” को देश की एकता, अखंडता और गरिमा को पहुंचे गहरे आघात से जोड़ा। उन्होंने विभाजन के दौरान असहनीय पीड़ा और त्रासदी झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उस दौर की घटनाओं को याद रखने की बात कही।

जेपी नड्डा बोले- धर्म के नाम पर देश का विभाजन किया गया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विभाजन को ऐसी त्रासदी बताया, जिसका दर्द आज भी कई लोगों की आंखों में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और संकीर्ण विचारधाराओं के कारण धर्म के नाम पर देश का विभाजन किया गया। नड्डा ने उन परिवारों को भी नमन किया, जिन्होंने विभाजन में अपनी जमीन और अपनों को खोने के बावजूद देश के पुनर्निर्माण में योगदान दिया।

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पीयूष गोयल बोले- विभाजन भारतीय इतिहास का भयावह अध्याय

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विभाजन को भारतीय इतिहास का “भयावह अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने अनगिनत लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया और कई पीढ़ियों के दिलों पर गहरे जख्म छोड़े। गोयल ने विभाजन के पीड़ितों को याद करते हुए इस त्रासदी से जुड़े दर्द को इतिहास का अहम हिस्सा बताया।

सीआर पाटिल बोले- विभाजन की पीड़ा पीढ़ियों तक महसूस की गई

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने विभाजन को भारतीय इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इसकी पीड़ा कई पीढ़ियों तक महसूस की गई है। पाटिल ने इतिहास से सीख लेने और राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव तथा अखंडता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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