इंदौर |
घटना ए-सेक्टर, सरस्वती माता मंदिर के पास स्थित आशीष दुबे के घर की है, जहां करीब 8 महीने पहले बेटे का जन्म हुआ था। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे सात किन्नर अचानक घर पहुंचे और सीधे 51 हजार रुपये नेग की मांग रख दी। उस वक्त घर में सिर्फ आशीष की पत्नी और वृद्ध मां मौजूद थीं।
परिवार ने विवाद टालने के लिए पहले 5100 रुपये दिए, फिर 11 हजार रुपये तक देने की बात कही, लेकिन किन्नर किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थे। आरोप है कि वे जबरन घर के अंदर घुस आए और अश्लील हरकतों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
बच्चे को मारने की धमकी, महिला कमरे में बंद
स्थिति तब और भयावह हो गई जब किन्नरों ने मासूम बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे मां बच्चे को लेकर कमरे में बंद हो गई, लेकिन किन्नरों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश तक की। पूरे घर में घुसकर उन्होंने हंगामा मचाया और परिवार को आतंकित किया।
मंदिर की मूर्ति तक फेंकी, पड़ोसियों से भी बदसलूकी
वृद्ध मां ने जब भगवान का वास्ता दिया तो आरोपियों ने मंदिर में रखी देवी की मूर्ति तक उठाकर फेंक दी और कहा कि “देवी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।” जान बचाने के लिए बुजुर्ग महिला छत पर भागी और पड़ोसियों को मदद के लिए पुकारा। मौके पर पहुंचे लोगों के साथ भी किन्नरों ने अभद्रता और गाली-गलौज की।
बिना नंबर की कार से पहुंचे, CCTV में कैद वारदात
रहवासियों के मुताबिक आरोपी बिना नंबर की कार से कॉलोनी में आए थे और गाड़ी दूर खड़ी कर पैदल घर तक पहुंचे। पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस बुलाने पर भागे, बाद में मांगी माफी
घटना के दौरान आशीष दुबे के घर पहुंचते ही डायल-100 पर कॉल किया गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना से दहशत में आए रहवासियों ने रविवार को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें किन्नर गुरु भी पहुंचे और पूरे मामले पर माफी मांगते हुए खेद जताया।