
2. बुमराह - गेंदबाजी जिम्मा संभालने में माहिर
जसप्रीत बुमराह ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी सटीक गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया। फाइनल में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द फाइनल बने। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर भी रहे। बुमराह ने 8 मैचों में कुल 14 विकेट लिए। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी उनकी शानदार गेंदबाजी ने भारत की जीत तय कर दी थी।

3. ईशान टीम को तेज ओपनिंग शुरुआत दिलाई
टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम में शामिल किए गए ओपनर ईशान किशन ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने टूर्नामेंट में तीन अर्धशतक लगाए। फाइनल में ईशान ने केवल 21 गेंदों में 247.61 के स्ट्राइक रेट से 52 रन बनाए और संजू सैमसन के साथ 48 गेंदों में 105 रन की तेज साझेदारी की। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भी उन्होंने 77 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की थी।
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4. हार्दिक पंड्या- बल्ले और गेंद दोनों से बिखेरा जलवा
हार्दिक पंड्या ने इस टूर्नामेंट में एक सच्चे ऑलराउंडर की भूमिका निभाई। उन्होंने 9 मैचों में 217 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल रहा। उनकी स्ट्राइक रेट 160.74 रही। इसके अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी 9 विकेट झटके। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में पंड्या ने 12 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेलकर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचाया और गेंद से भी अहम योगदान दिया।
5. शिवम दुबे - अंतिम ओवर में मचाया गदर
फाइनल मुकाबले में एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 250 रन तक भी नहीं पहुंच पाएगी। 16वें ओवर में जिमी नीशम ने संजू सैमसन, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव को आउट कर मैच का रुख बदल दिया था। लेकिन शिवम दुबे ने आखिरी ओवरों में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए मैच की तस्वीर बदल दी। उन्होंने 20वें ओवर में जिमी नीशम के खिलाफ 2 छक्के और 3 चौके जड़ते हुए सिर्फ 8 गेंदों में 26 रन बनाए, जिसकी बदौलत भारत का स्कोर 255 रन तक पहुंच गया।












