बीजापुर (छत्तीसगढ़)। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से उत्तर प्रदेश के तीन फेरीवालों के लापता होने की खबर सामने आई है। ये फेरीवाले गांव-गांव जाकर कपड़े, कंबल और तिरपाल बेचने का काम करते थे। परिजनों का संदेह है कि नक्सलियों ने शक के आधार पर इनका अपहरण कर लिया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक किसी अपहरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के मुताबिक, अल्ताप और शोएब नामक दो फेरीवाले करीब 45 दिन पहले बासागुड़ा इलाके के पूसबाका से लापता हो गए। वहीं, इमरान नाम का एक अन्य फेरीवाला मद्देड़ क्षेत्र से गायब हुआ है। इमरान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला है और अगस्त महीने से लापता है। 11 सितंबर को भोपालपटनम थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि अब तक केवल एक फेरीवाले इमरान की गुमशुदगी का मामला भोपालपटनम थाने में दर्ज हुआ है। बाकी दो फेरीवालों के बारे में ग्राम पंचायतों के सरपंचों की मदद से जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने कहा कि इस संबंध में कोई सीधी शिकायत पुलिस को नहीं मिली है, बल्कि मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय स्तर पर जानकारी मिल रही है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ये सभी घटनाएं धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुई हैं। इसलिए नक्सली अपहरण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बीजापुर जिला पहले से ही नक्सली गतिविधियों के चलते संवेदनशील माना जाता है। हाल ही में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच कई मुठभेड़ें भी हुई हैं। ऐसे में फेरीवालों का अचानक लापता होना प्रशासन और परिवार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही लापता फेरीवालों के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है।