तनाव के माहौल के बावजूद 'ग्रीन आशा' का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए बड़ी राहत है। इससे साफ है कि देश में एलपीजी की सप्लाई अभी भी सामान्य बनी हुई है और सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
'ग्रीन आशा' जहाज 15,400 टन एलपीजी लेकर नवी मुंबई पहुंचा है। यह जहाज बीपीसीएल और आईओसीएल के लिक्विड बर्थ पर आकर रुका है। जहाज, उसमें मौजूद गैस और पूरा स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है। जेएनपीए ने भी इसकी पुष्टि करते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। ग्रीन आशा का सुरक्षित भारत पहुंचना ऐसे समय में राहत की खबर है जब पूरी दुनिया होर्मुज को लेकर चिंतित है। यह दिखाता है कि कठिन हालात में भी भारत की सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है और आम लोगों को फिलहाल किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ये भी पढ़ें: Hyundai Cars Price Hike: मई से महंगी होंगी कारें, 1% तक बढ़ेंगे दाम; बढ़ती लागत का असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद जहाजों की आवाजाही जारी है। ‘ग्रीन आशा’ ऐसा नौवां भारतीय जहाज है जिसने यह रास्ता पार किया है। इससे पहले भी कई जहाज सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं। इससे साफ है कि सप्लाई पर अभी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: ईरान से समझौता टूटा तो जंग तेज करने की ट्रंप ने दी चेतावनी
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में एलपीजी की स्थिति सामान्य है। अधिकारियों का कहना है कि जहाज समय पर पहुंच रहे हैं। सरकार रोजाना हालात की समीक्षा कर रही है। जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने की भी तैयारी है।