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नई अफगान सरकार में UN द्वारा घोषित 14 आतंकी

हक्कानी पर तो अमेरिका ने घोषित किया था 10 मिलियन डॉलर का इनाम
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काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी पर कब्जे के बाद तालिबान ने अपनी ‘समावेशी’ कैबिनेट का ऐलान को कर दिया जिसमें 14 खूंखार आतंकी शामिल हैं। इस कैबिनेट में उन सभी लोगों को जगह दी गई है जो पिछले 20 साल से अफगानिस्तान में अमेरिका के खिलाफ लड़ रहे थे। नई सरकार के 14 सदस्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकी ब्लैक लिस्ट में शामिल हैं। PM मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद, उनके दोनों डेप्युटी PM और गृहमंत्री भी इस लिस्ट में हैं। PM मुल्ला हसन तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का करीबी रहा है। वह रहबरी-शूरा (तालिबान की शक्तिशाली निर्णय लेने वाली समिति) का प्रमुख है। डेप्युटी PM मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मौलवी अब्दुल सलाम हनाफी ड्रग तस्करी में शामिल रहे हैं और UN ने उन्हें ब्लैक लिस्ट किया था। कैबिनेट में खुंखार आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी (गृहमंत्री) भी शामिल है जिसे UN ने वैश्विक आतंकी (global terrorist) घोषित किया है। उस पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। उसका चाचा खलीलज हक्कानी को शरणार्थियों की जिम्मेदारी दी गई है। मुल्ला याकूब (रक्षामंत्री), मुल्ला अमीर खान मुत्ताकी (विदेश मंत्री) और उसके डेप्युटी शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई, सभी यूएन की प्रतिबंध समिति की सूची में हैं। कैबिनेट में चार सदस्य ऐसे भी हैं जिन्हें गुआंतानामो बे जेल में रखा गया था। इनमें उपरक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद फाजिल, सूचना और संस्कृति मंत्री खैरुल्लाह खैरख्वाह, आदिवासी मामलों के मंत्री मुल्ला नूरल्लाह नूरी और खुफिया निदेशक मुल्ला अब्दुल हक वासिक शामिल हैं। खास बात यह है कि तालिबान ने समावेशी सरकार बनाने का दावा किया है। उसकी कोशिश यह थी कि सरकार में देश के ज्यादातर जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व हो सके। इस कोशिश में आतंकी समूहों के प्रमुखों को स्थान मिला है। कैबिनेट के सभी सदस्य पुराने तालिबानी नेता हैं जो 2001 से अमेरिकी फौज के खिलाफ लड़ते रहे हैं।
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput
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