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MP Police:पुलिसकर्मियों को मिला K.F. रुस्तमजी अवार्ड, CM मोहन यादव ने बढ़ाया पुलिस जवानों का सम्मान, आवास और भर्ती को लेकर किए बड़े ऐलान

भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित K.F. रुस्तमजी पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के साहस और सेवा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 10 हजार नई पुलिस भर्ती, आवास सुविधा और पुलिस पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसे बड़े ऐलान किए गए। सरकार ने पुलिस बल को आधुनिक और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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पुलिसकर्मियों को मिला K.F. रुस्तमजी अवार्ड, CM मोहन यादव ने बढ़ाया पुलिस जवानों का सम्मान, आवास और भर्ती को लेकर किए बड़े ऐलान
CM MOHAN YADAV

मध्यप्रदेश। भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित K.F. रुस्तमजी पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के 101 अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरान पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने पुलिस जवानों के लिए आवास सुविधा, नई भर्ती और पुरस्कार राशि बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं और सरकार हर स्तर पर पुलिस बल को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

उत्कृष्ट सेवा के लिए 101 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

भोपाल के रविंद्र भवन में सोमवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को K.F. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान वर्ष 2019-20 और 2021-22 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को दिया गया। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी चंचल शेखर और आदर्श कटियार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।इस समारोह में कुल 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें कानून व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल विरोधी अभियान, दस्यु उन्मूलन, दंगों को नियंत्रित करने और गंभीर परिस्थितियों में बहादुरी दिखाने वाले अधिकारी शामिल रहे।

तीन श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार

समारोह में पुलिस अधिकारियों को तीन अलग अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। परम विशिष्ट श्रेणी में सात अधिकारियों को सम्मानित किया गया, जिसमें पांच लाख रुपये या हथियार देने का प्रावधान है। अति विशिष्ट श्रेणी में आठ अधिकारियों को दो लाख रुपये या हथियार दिए गए। वहीं विशिष्ट श्रेणी में 86 अधिकारियों को 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2013 में शुरू हुए इस पुरस्कार के तहत अब तक 418 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जा चुका है।

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पुलिस जवानों के लिए आवास की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह में पुलिस जवानों के लिए आवास सुविधा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पुलिस जवान पात्र होंगे, वहां उन्हें हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग सरकार के परिवार का हिस्सा है और जवानों की सुविधाओं की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है।

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10 हजार नई पुलिस भर्ती का ऐलान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में 10 हजार नई भर्तियों की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले से चल रही भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब अगले चरण की भर्ती जल्द शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में करीब 22 हजार से ज्यादा पदों को भरने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुलिस बल को और मजबूत बनाया जा सके।

नक्सलवाद खत्म होने पर सरकार ने जताया गर्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश अब नक्सलवाद मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस विभाग की मेहनत और साहस का परिणाम है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में संगठित अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने डकैतों और नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है।

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साइबर क्राइम सबसे बड़ा चैलेंज

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कार्यक्रम में कहा कि बदलते दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और पुलिस के सामने यह बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि एक लाख रुपये से ज्यादा के साइबर फ्रॉड मामलों में दिसंबर 2025 से ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए लगातार नई तकनीकों और प्रशिक्षण पर काम कर रहा है।

पुलिसकर्मियों के तनाव को कम करने पर भी फोकस

डीजीपी ने बताया कि पुलिस जवानों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को स्ट्रेस मैनेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी लगातार दबाव में काम करते हैं, इसलिए उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

हर साल दिए जाएंगे पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दो दो साल के पुरस्कार एक साथ दिए जाते थे लेकिन अब कोशिश की जाएगी कि हर साल समय पर पुरस्कार दिए जाएं। उन्होंने कहा कि कई पुलिस अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद सम्मान मिला, जबकि सम्मान सेवा के दौरान मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग में नवाचार और बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की बात भी कही।

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पुलिस विभाग को मिलेगा सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस विभाग को मजबूत बनाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधियों के तरीके भी बदल रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के साहस, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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