बस्ती के महुआ डाबर गांव में रविवार को सुबह करीब 10 बजे युवक अमन सिंह (18) ने एक बंद पैकेट का चॉकलेट केक खाया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसी केक का एक हिस्सा गांव के तीन वर्षीय मासूम ओंकार को भी दिया गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना ने पूरे गांव में मातम फैला दिया।
महुआ डाबर गांव निवासी संतोष सिंह ने बताया कि उनके बेटे अमन ने गांव की एक दुकान से छोटा पैकेट का बंद चॉकलेट केक खरीदा। वह घर लौटकर केक खाने लगा और मासूम ओंकार को भी उसका एक टुकड़ा दे दिया। कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई। रास्ते में अमन की मौत हो गई, जबकि ओंकार की हालत गंभीर होने पर उसे कैली अस्पताल रेफर किया गया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही सीओ हर्रैया स्वर्णिम सिंह और प्रभारी निरीक्षक गौर संतोष कुमार पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए। दुकानदार से पूछताछ की जा रही है कि केक कब और कहां से मंगाया गया था। केक की एक्सपायरी डेट और अन्य सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। अमन के पिता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का स्पष्ट कारण पता चलेगा।
सीएमओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह फूड प्वाइजनिंग का मामला लगता है। हालांकि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेजी जाएगी।
बता दें कि अमन चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। आसपास के लोगों के अनुसार वह हंसमुख स्वभाव का था और कक्षा 10 फेल होने के बाद घर पर ही रहता था। वह अक्सर गांव की दुकान पर आता-जाता रहता था।
पुलिस ने दुकानदार को बभनान चौकी ले जाकर पूछताछ की। उसने बताया कि केक बभनान बाजार के स्टेशन रोड स्थित दुकान से लाया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि केक में क्या समस्या थी और किस कारण से युवक की मौत हुई।