Shivani Gupta
2 Jan 2026
Aakash Waghmare
2 Jan 2026
Garima Vishwakarma
2 Jan 2026
Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
सिवनी। विश्व विख्यात पेंच टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार पर स्थापित टाइगर स्टैच्यू ने सिवनी जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज करा दिया है। इस विशाल प्रतिमा को 10 टन कबाड़ सामग्री से तैयार किया गया है, जिसने अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में बने पिछले विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा स्क्रैप टाइगर बनने का गौरव हासिल किया है। जॉर्जिया में स्क्रैप से बना बाघ का स्टैच्यू 14 फीट लंबा और 8 फीट चौड़ा है। इस भव्य स्टैच्यू के साथ सिवनी जिले ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है और यह यादगार उपलब्धि जिले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक प्रमुखता से स्थापित करेगी। यह स्टैच्यू लगभग 40 फीट लंबा, 17 फीट 6 इंच ऊंचा और 8 फीट चौड़ा है। प्रतिमा तैयार करने में स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों ने करीब 200 दिनों तक लगातार मेहनत की। इसे तैयार करने में पुरानी साइकिलें, लोहे की चादरें, पाइप, मशीन पार्ट्स और धातु के कबाड़ सहित विभिन्न त्यागी गई वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग किया गया है। बाघ की यह धातु प्रतिमा पेंच टाइगर रिजर्व के लिए एक नई पहचान बनेगी।
12 नवंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनावरित यह अद्भुत सृजन हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के लिए सच्चे मन से उठाया गया एक छोटा कदम भी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थाई विरासत बन सकता है। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया का प्रतीक चिन्ह एक सिंह को बनाया था और वह सिंह भी लोहे के कबाड़ से बना डिजाइन था। उसी से प्रेरणा लेकर लोहे के स्क्रै प मटेरियल के पेंच पार्क में इस बाघ की कलाकृति बनाने का प्लान किया गया था। यह स्टैच्यू पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, जिसके माध्यम से पेंच क्षेत्र में आगंतुकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। वन विभाग ने इसे सस्टेनेबल क्रिएटिविटी का मॉडल बताया है।