कच्चा तेल महंगा, सरकार सख्त :डीजल-ATF पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, E20 पेट्रोल मामले में कार कंपनी को नई गाड़ी देने का आदेश

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद केंद्र सरकार ने डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है। वहीं रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने E20 पेट्रोल से कार खराब होने के मामले में कार कंपनी को नई कार देने या 20.50 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है।
डीजल-ATF पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, E20 पेट्रोल मामले में कार कंपनी को नई गाड़ी देने का आदेश
सरकार ने डीजल और एटीएफ एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है।

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा नीति पर भी दिखाई देने लगा है। युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने और तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का अत्यधिक फायदा उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है।

सरकार ने विंडफॉल टैक्स में क्या बदलाव किया?

16 जुलाई से लागू नई व्यवस्था के तहत डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 8.50 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.50 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर टैक्स 7.50 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.50 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। दूसरी ओर पेट्रोल के निर्यात पर सरकार ने राहत देते हुए टैक्स 4 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 2.50 रुपए प्रति लीटर कर दिया है।

विंडफॉल टैक्स की नई दरें

ईंधन

पुरानी दर

नई दर

डीजल

₹8.50/लीटर

₹15.50/लीटर

ATF

₹7.50/लीटर

₹14.50/लीटर

पेट्रोल

₹4.00/लीटर

₹2.50/लीटर

आम लोगों पर पड़ेगा असर या नहीं?

सरकार के इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। विंडफॉल टैक्स तेल कंपनियों द्वारा किए जाने वाले निर्यात पर लगाया जाता है, न कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर। इसलिए फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इस टैक्स का मकसद केवल घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और निर्यात को संतुलित करना है।

15 दिन पहले भी बदली थीं टैक्स दरें

सरकार हर 15 दिन में विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। 1 जुलाई को डीजल पर टैक्स 14 रुपए से घटाकर 8.50 रुपए प्रति लीटर और ATF पर 12.50 रुपए से घटाकर 7.50 रुपए प्रति लीटर किया गया था। उसी समय पेट्रोल पर एक्सपोर्ट टैक्स 1.50 रुपए से बढ़ाकर 4 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था। अब बदलते वैश्विक हालात और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने फिर से नई दरें लागू की हैं।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

शहर

पेट्रोल

डीजल

नई दिल्ली

₹102.12

₹95.20

मुंबई

₹111.21

₹97.83

कोलकाता

₹113.48

₹99.82

चेन्नई

₹107.78

₹99.56

E20 पेट्रोल पर पहली बार कोर्ट का बड़ा फैसला

इसी बीच E20 पेट्रोल को लेकर देश में पहली बार एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने एक कार मालिक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए वाहन निर्माता कंपनी को नई कार देने का आदेश दिया है। मामला इस आरोप से जुड़ा था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद वाहन में लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं और कई बार सर्विस कराने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हुई।

कार मालिक ने क्या लगाए आरोप?

शिकायतकर्ता का कहना था कि, E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उसकी कार के इंजन में मिसफायरिंग शुरू हो गई। गाड़ी की परफॉर्मेंस कमजोर हो गई और माइलेज भी कम होने लगा। बार-बार वर्कशॉप में वाहन की मरम्मत कराई गई, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही समस्याएं सामने आने लगीं। इससे वाहन मालिक को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

E20 petrol

कंपनी और डीलर ने क्या दलील दी?

वाहन निर्माता कंपनी और डीलर ने कोर्ट में दावा किया कि संबंधित मॉडल E20 ईंधन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उनका कहना था कि वाहन में आई खराबियां सामान्य घिसावट, रखरखाव में कमी या मालिक की लापरवाही की वजह से हुई हैं। हालांकि शिकायतकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वाहन खरीदने के बाद काफी समय तक बिल्कुल सामान्य चल रहा था और E20 पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू करने के बाद ही समस्याएं सामने आईं।

कोर्ट के सामने क्या सबूत पेश हुए?

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने ऐसे दस्तावेज और तकनीकी रिपोर्ट पेश कीं, जिनमें दावा किया गया कि इंजन के अंदर E20 फ्यूल जमा हुआ मिला था। इसके अलावा पेट्रोल टैंक में सफेद और चिपचिपा पदार्थ भी पाया गया। वाहन की कई बार मरम्मत होने के बावजूद दिक्कतें खत्म नहीं हुईं। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर शिकायतकर्ता के पक्ष को मजबूत माना।

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कोर्ट ने कंपनी को क्या आदेश दिया?

कंज्यूमर कोर्ट ने वाहन निर्माता कंपनी को निर्देश दिया है कि वह 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को उसी मॉडल की नई E20 कम्पैटिबल कार उपलब्ध कराए। यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसे वाहन की पूरी कीमत 20.50 लाख रुपए लौटानी होगी। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए एक लाख रुपए और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपए भी शिकायतकर्ता को देने होंगे।

E20 पेट्रोल पर क्यों बढ़ी बहस?

देश में सरकार एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण में कमी आए। हालांकि कुछ उपभोक्ताओं ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहनों में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी की हैं। रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों में एक अहम कानूनी उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि यह फैसला इसी मामले के तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है और इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि E20 पेट्रोल सभी वाहनों में खराबी का कारण बनता है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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