PlayBreaking News

क्या सच में अरब देशों में ऊंटों को जिंदा सांप खिलाए जाते हैं?जानिए इसके पीछे की परंपरा और वैज्ञानिकों की राय

क्या सच में अरब देशों में ऊंटों को जिंदा सांप खिलाया जाता है? आखिर ऐसा क्यों किया जाता है और इसके पीछे क्या मान्यता है? जानिए इस अनोखी परंपरा की पूरी कहानी और इस पर वैज्ञानिक क्या कहते हैं।
Follow on Google News
जानिए इसके पीछे की परंपरा और वैज्ञानिकों की राय

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। इन्हीं में एक वीडियो ऐसा भी है, जिसमें एक ऊंट के मुंह में जिंदा सांप डालते हुए दिखाया जाता है। वीडियो देखने के बाद लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? क्या यह किसी परंपरा का हिस्सा है या सच में इससे ऊंट की कोई बीमारी ठीक होती है? मध्य पूर्व यानी अरब क्षेत्र के कुछ इलाकों में लंबे समय से एक पारंपरिक मान्यता चली आ रही है। वहां कुछ लोग मानते हैं कि अगर ऊंट को एक खास बीमारी हो जाए तो उसे जिंदा सांप खिलाने से फायदा हो सकता है। हालांकि इस दावे को लेकर वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक सहमत नहीं हैं।

कौन-सी बीमारी के इलाज का किया जाता है दावा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पारंपरिक तरीका 'हयाम' नाम की बीमारी से जुड़ा माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस बीमारी में ऊंट धीरे-धीरे खाना-पीना कम कर देता है। उसका शरीर कमजोर होने लगता है और उसमें सुस्ती, बुखार तथा खून की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ समुदायों का मानना है कि यदि समय रहते इलाज न मिले तो ऊंट की जान भी जा सकती है। इसी विश्वास के आधार पर कुछ लोग पारंपरिक तरीके से उसका उपचार करने की कोशिश करते हैं।

कैसे किया जाता है यह पारंपरिक उपचार?

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस उपचार के दौरान ऊंट के मुंह में एक जिंदा सांप डाला जाता है। इसके बाद उसे पानी पिलाया जाता है ताकि सांप शरीर के अंदर चला जाए। कुछ लोगों का विश्वास है कि सांप का जहर शरीर में मौजूद बीमारी या संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और कुछ दिनों बाद ऊंट की तबीयत में सुधार आने लगता है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि किसी वैज्ञानिक शोध या आधिकारिक पशु चिकित्सा अध्ययन से नहीं हुई है। इसलिए इसे केवल एक पारंपरिक मान्यता माना जाता है, न कि प्रमाणित इलाज।

Breaking News

वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक क्यों नहीं मानते इसे सही?

पशु चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि जिंदा सांप खिलाने से हयाम या किसी अन्य बीमारी का इलाज हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंटों में इस तरह की बीमारी संक्रमण, परजीवी (पैरासाइट) या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से हो सकती है। ऐसे मामलों में आधुनिक पशु चिकित्सा के अनुसार जांच और इलाज ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। उनका कहना है कि बिना वैज्ञानिक आधार वाले उपचार पशु के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि यदि गर्भवती ऊंटनी इस तरह की बीमारी से प्रभावित हो जाए तो समय पर इलाज न मिलने पर गर्भपात या उसकी जान को भी खतरा हो सकता है।

क्या वायरल वीडियो पूरी तरह सही है?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक ऊंट के मुंह में जिंदा सांप डालते हुए दिखाया जाता है। हालांकि, यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, किस देश का है और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए वीडियो को अंतिम प्रमाण मानना सही नहीं होगा। इंटरनेट पर वायरल सामग्री को हमेशा सत्यापित जानकारी के साथ ही देखना चाहिए, क्योंकि कई बार वीडियो पुराने, अधूरे या संदर्भ से हटकर भी साझा किए जाते हैं।

ये भी पढ़ें: क्या अमेरिका में गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को होमवर्क मिलता है? जानिए वहां का स्कूल सिस्टम कैसे करता है काम

परंपरा और विज्ञान में क्या है अंतर?

दुनिया के कई हिस्सों में आज भी ऐसी पारंपरिक उपचार पद्धतियां प्रचलित हैं, जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान किसी भी इलाज को तभी स्वीकार करता है, जब वह वैज्ञानिक परीक्षणों और शोध में प्रभावी साबित हो।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts