पुराने मकान में भर जाता था पानी, जैक के जरिए साढ़े चार फीट लिफ्ट कर किया जाएगा समस्या का समाधान

भोपाल में पहली बार पूरे घर को इस तकनीक की मदद से किया जा रहा लिफ्ट
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भोपाल। पुराने मकानों के सामने एक समस्या आ जाती है कि सड़क के लेवल से वो नीचे चले जाते हैं। जब सड़क कांक्रीट की बन रही हो तो कई बार मकान में पानी भरने की नौबत तक आने लगती है। ऐसी ही समस्या का सामना कर रहे थे कोलार रोड निवासी उदय पांड्रे। उनका घर अटल बिहारी विवि की पुरानी बिल्डिंग के पास है। घर के सामने रोड ऊंची हो गई और पीछे से नाले का पानी भी घर में भरने लगा था। समस्या के समाधान के लिए उदय और उनके बेटे ध्रुव ने इंटरनेट खंगाला। उस दौरान उनके मन में चीन और विदेशों की बिल्डिंगों को शिफ्ट करने की तस्वीरें थीं। उन्होंने भी कुछ ऐसा ही करने की सोची। खास बात यह है कि जैक से मकान को लिफ्ट करने का काम भोपाल में पहली बार हो रहा है। https://twitter.com/psamachar1/status/1437745201284407299?s=19 खोज की तो हरियाणा के एक ठेकेदार गुरमीत सिंह मिले जो कम खर्च में मकानों की इस समस्या का समाधान कर सकते थे। गुरमीत सिंह जैक के जरिए मकान को लिफ्ट करके कई फीट तक उठाने की तकनीक पर काम करते हैं। ध्रुव ने बताया कि गुरमीत ने साइट विजट की और कहा कि घर को लिफ्ट कर उनकी समस्या का समाधान किया जा सकता है। घर को लिफ्ट करके उठाने का काम शुरू हुआ तो आसपास के लोगों में चर्चा का विषय बना गया। अब तक पूरे घर में 150 से ज्यादा जैक लगाए जा चुके हैं। हर जैक 90 टन तक वजन उठा सकता है। गुरमीत ने बताया कि जैक लगाने के पहले दीवार को थोड़ा-थोड़ा काटा जाता है। इसके बाद उसके नीचे लोहे की रॉड लगाकर जैक लगा दिया जाता है। इसी तरह पूरे घर की दीवारों को जैक पर लाते हैं। बाद में घर को लिफ्ट करने के लिए वो कमांड देते हैं और मजदूर जैक को धुमाकर घर को जमीन से ऊपर उठाना शुरू करते हैं। इस काम को इतनी बारीकी से किया जाता है कि एक-एक मिलीमीटर के नाप का ध्यान रखा जाता है। मकान को लिफ्ट करने के दौरान एक मजदूर 10 जैक को संभालता है। उदय अपने मकान को करीब साढ़े चार फीट तक लिफ्ट करा रहे हैं। इस लिफ्टिंग में ढाई लाख का खर्च आएगा। इसके बाद मकान की फिलिंग में करीब डेढ़ से दो लाख खर्च होंगे। [caption id="attachment_3721" align="alignnone" width="169"]house lift house lift[/caption]

क्या कहा उदय ने

यह तकनीक सस्ती और अच्छी है। इसमें मकान को तोड़ कर फिर से बनाने के भारी भरकम खर्च से बचा जा सकता है। आजकल के समय में एक मकान तोड़ कर बनाना अपने आप में बहुत बड़ा खर्च है। इस तकनीक में खर्च इतना कम है कि लोग थोड़े बहुत बैंक लोन से भी घर की स्थिति को ठीक करा सकते हैं।

पार्किंग भी बनवा सकते हैं

गुरमीत सिंह ने बताया कि पानी भरने की समस्या के समाधान के अलावा इस तकनीक से लोग घर में पार्किग भी बनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह से दस फीट तक घर को उठाया जा सकता है।
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput
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