विश्वनाथ सिंह, इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। सिर्फ भगीरथपुरा ही नहीं, शहर के 59 स्थानों पर पानी पीने योग्य नहीं है। इसका खुलासा दो साल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में हुआ था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने 2016-17 और 2017-18 में शहर के 60 स्थानों से पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। इसकी रिपोर्ट 2019 में आई। 60 में से 59 सैंपल फेल निकले थे।
इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2022 तक नगर निगम को तीन बार पत्र लिखकर चेताया था कि इन स्थानों पर पीने का पानी उपचार करने के बाद ही उपयोग किया जाए। निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय ने सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड, भोपाल को भी पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी।
बोर्ड ने पानी के सैंपल जंचवाए, तो उसमें टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया निकला। यह आंतों में असर करता है, जिससे उल्टी, डायरिया, पेट दर्द संबंधी परेशानी होती है। बोर्ड के अफसरों के मुताबिक, यह बैक्टीरिया सीवरेज के पानी में पनपता है। उसके बाद यह आसपास के साफ जलस्रोतों में चला जाता है और उन्हें दूषित कर देता है। विभाग ने जिन स्थानों से सैंपल लिए थे, उनमें से अधिकतर या तो कान्ह नदी या फिर सीवेज लाइनों के आसपास के इलाके थे।
जिन 59 स्थानों पर पानी पीने योग्य नहीं मिला, उसमें भागीरथपुरा गली नंबर 1 व 2, खातीपुरा, रामनगर, नाहर शाहवली रोड खजराना, मेटलमेन फैक्ट्री के सामने सांवेर रोड, गोविंद कॉलोनी वार्ड-12, शंकर बाग कॉलोनी, परदेशीपुरा वार्ड-5, बड़ा गणपति सुभाष स्कूल के पास, राम मंदिर के पास सदर बाजार, काका पब्लिक स्कूल के पास निरंजनपुर, रावजी बाजार पुलिस स्टेशन के पास जूनी इंदौर, आरपी अपार्टमेंट सोसायटी आदि शामिल हैं।
शहर में 60 स्थानों से पानी के सैंपल की जांच कराई थी। इनमें 59 स्थानों के सैंपल फेल निकले थे। इसके बाद 3 साल में नगर निगम को तीन पत्र लिखकर चेताया था। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड, भोपाल को भी अवगत कराया था।
अतुल कोटिया, लैब प्रभारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंदौर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के संबंध में फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है। इस संबंध में बोर्ड से जानकारी लेंगे।