साल 2026 की शादी की तैयारियों पर अचानक ब्रेक लगने वाला है। दरअसल, दिसंबर में दो बड़े ज्योतिषीय योग शुक्र अस्त और खरमास एक साथ पड़ रहे हैं। इन दोनों के प्रभाव से करीब डेढ़ महीने तक सभी मांगलिक कामों पर रोक लग जाएगी। शुभ कार्यों में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि शामिल हैं।
11 दिसंबर 2025 की सुबह 6:35 बजे शुक्र ग्रह सूर्य के बहुत पास जाकर अस्त हो जाएगा। शुक्र को विवाह, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। ग्रह के अस्त होने पर उसकी शक्ति कम हो जाती है और वह शुभ फल नहीं देता। इसी कारण शुक्र अस्त के दौरान विवाह नहीं किए जाते। शुक्र 53 दिनों तक अस्त रहेगा और 1 फरवरी 2026 को उदय होगा।
इसके ठीक बाद 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास के दौरान भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं और इस अवधि में सभी शुभ व मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं। यह अवधि 15 जनवरी 2026 तक चलेगी। हालांकि 15 जनवरी को खरमास खत्म हो जाएगा, लेकिन शुक्र तब भी अस्त रहेगा। इसलिए विवाह 15 जनवरी के बाद भी शुरू नहीं होंगे।
शादियों की शुरुआत शुक्र उदय होने के बाद ही होगी। इस बार शुक्र 1 फरवरी 2026 को उदय होगा। इसलिए नए साल में शादियों का दौर 5 फरवरी 2026 से शुरू होगा।
फरवरी में 12 शुभ मुहूर्त हैं-
5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी 2026
2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी को पड़ रही है। लेकिन उस दिन शुक्र अभी भी अस्त रहेगा, इसलिए इस बार बसंत पंचमी पर विवाह संभव नहीं होंगे।
साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है, जिस कारण विवाह तिथियों पर भी थोड़ा असर पड़ेगा।