
इंफाल। मणिपुर में करीब दो साल बाद कुकी और मैतेई बहुल इलाकों में फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू होते ही हिंसा भड़क उठी। इंफाल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, विष्णुपुर और सेनापति को जोड़ने वाली सड़कों पर शनिवार को जैसे ही बसों की आवाजाही शुरू हुई, कुकी समुदाय के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर पत्थर बिछा दिए, बसों और कारों में आग लगा दी। सुरक्षाबलों ने हिंसा रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले दागे। इस झड़प में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
हिंसा के कारण बिगड़े हालात
मणिपुर में पिछले दो साल से जारी जातीय संघर्ष में अब तक 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले हफ्ते फ्री मूवमेंट को लेकर विशेष निर्देश दिए थे, जिसके बाद शनिवार को दो रूटों पर सरकारी बसों की आवाजाही शुरू हुई। लेकिन कुकी समुदाय के लोगों ने इस फैसले का विरोध किया और हिंसा भड़क गई।
सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इंफाल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, विष्णुपुर और सेनापति इलाकों में बसों की सुरक्षा के लिए CRPF और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है। इसके अलावा, रेड जोन वाले इलाकों में भी सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने दिए थे निर्देश
गृह मंत्री अमित शाह ने 1 मार्च को मणिपुर के हालात पर गृह मंत्रालय में समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने 8 मार्च से सभी सड़कों पर बेरोकटोक आवागमन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था और कहा था कि रास्ते ब्लॉक करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने दिया आश्वासन
मणिपुर के मुख्य सचिव पी के सिंह ने कहा कि राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12 मार्च से इंफाल और चुराचांदपुर के बीच हेलिकॉप्टर सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक आवागमन में बाधा डालने के किसी भी प्रयास पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- गुजरात कांग्रेस पर भड़के राहुल गांधी, बोले- आधे नेता बीजेपी से मिले हुए; कई नेताओं को बाहर करने के संकेत
One Comment