बालाघाट। रामपायली थाना क्षेत्र के बेनी गांव में मंगलवार शाम वैनगंगा नदी में डूबे तीनों युवकों के शव आखिरकार बरामद कर लिए गए। बुधवार सुबह दो शव मिले, जबकि तीसरे युवक का शव शाम करीब 4 बजे बरामद हुआ। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बुधवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने मोहित बुर्डे का शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर डोंगरली घाट पर खोज निकाला। वहीं, अखिल का शव घटनास्थल से लगभग 5 किलोमीटर दूर डांगरोली के आगे मिला। शाम तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तीसरे युवक राकेश का शव भी मिल गया। तीनों शवों को निकालकर रामपायली पुलिस को सौंप दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, अखिल और मोहित मौसेरे भाई थे। मोहित बीसीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि अखिल भी कॉलेज का छात्र था। तीसरे युवक राकेश, महाराष्ट्र के भंडारा जिले के गणेशपुर का निवासी था और होटल व्यवसाय करता था। तीनों अपने रिश्तेदार चमनलाल बुर्डे के घर रक्षाबंधन और भुजरिया (भुजली) पर्व मनाने बेनी गांव आए थे।
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे चारों युवक राममंदिर घाट नहाने पहुंचे। शाम 4:30 से 5 बजे के बीच नहाते समय एक-एक करके तीनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। चमनलाल ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल, एसडीओपी अभिषेक चौधरी, रामपायली पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर रात 10 बजे तक तलाशी का काम चला, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह 6 बजे ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ और करीब तीन घंटे में दो शव बरामद कर लिए गए, जबकि तीसरा शव शाम को मिला। इस दर्दनाक हादसे के बाद बेनी और आसपास के गांवों में शोक की लहर है।