100 विमान, 12 एयरबेस और राफेल की गर्जना... काशी में दिखा अद्भुत नजारा! PM मोदी ने देखा भारत का दम

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को आसमान में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को रोमांचित कर दिया। गंगा के ऊपर राफेल, सुखोई, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान गरजते नजर आए। वहीं, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी ताकत दिखाई। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के मौके पर आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' (Wings Over Ganga) एयर शो में करीब 100 विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 25 अक्टूबर को इस भव्य आयोजन में पहुंचे और उन्होंने वायुसेना का हवाई प्रदर्शन देखा। काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर एयर शो का आयोजन किया गया।
22 अक्टूबर से शुरू हुआ 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो
वाराणसी में भारतीय वायुसेना के स्थापना वर्ष के अवसर पर 22 अक्टूबर से 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो की शुरुआत हुई। इस आयोजन में वायुसेना के अलग-अलग तरह के विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। एयर शो में कुल 100 एयरक्राफ्ट शामिल किए गए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल रहा। इस आयोजन का मकसद लोगों को भारतीय वायुसेना की ताकत, आधुनिक तकनीक और हवाई सुरक्षा की क्षमताओं से परिचित कराना था। गंगा के ऊपर उड़ान भरते विमानों ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया रोड शो, नमो घाट से देखा एयर शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 25 अक्टूबर को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रोड शो भी किया और 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में शामिल हुए। नमो घाट इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा। यहीं से प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य लोगों ने वायुसेना के विमानों का प्रदर्शन देखा। गंगा के ऊपर उड़ते लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने लोगों का ध्यान खींचा। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की तैयारी कर रखी थी।
राफेल, सुखोई और मिराज ने दिखाया दम
एयर शो में भारतीय वायुसेना के कई आधुनिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर जैसे विमान शामिल रहे। इन विमानों ने आसमान में अपनी उड़ान और युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया। लड़ाकू विमानों के साथ अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर भी एयर शो का हिस्सा बने। इसके अलावा सी-295, सी-17 और सी-130 जैसे परिवहन विमानों ने भी अपनी क्षमता दिखाई। इन विमानों का इस्तेमाल सैनिकों, जरूरी सामान और सैन्य उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
देश के 12 एयरबेस से विमानों ने भरी उड़ान
इस बड़े आयोजन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से वायुसेना के विमान शामिल हुए। चेन्नई और ग्वालियर समेत कुल 12 एयरबेस से विमानों ने उड़ान भरी। काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हवाई प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए। अलग-अलग एयरबेस से आए विमानों की भागीदारी ने इस आयोजन को खास बना दिया। इससे लोगों को भारतीय वायुसेना के कई तरह के विमानों को एक ही कार्यक्रम में देखने का मौका मिला।
सुरक्षा में 11,500 जवान, 200 CCTV कैमरों से निगरानी
एयर शो में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, पूरे जिले को 30 जोन और 50 से ज्यादा सेक्टर में बांटा गया। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 11,500 से अधिक पुलिस और सुरक्षा जवान तैनात किए गए। इसके अलावा 200 सीसीटीवी कैमरों के जरिए अलग-अलग इलाकों पर नजर रखी गई। भीड़ को संभालने और किसी भी परेशानी से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस केंद्र भी बनाए गए।
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50 लाख लोगों की भीड़ संभालने की तैयारी
प्रशासन ने एयर शो और उससे जुड़े कार्यक्रमों के दौरान करीब 50 लाख लोगों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग इलाकों में जवानों की ड्यूटी लगाई गई। लोगों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। नमो घाट और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई, क्योंकि यहां प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आसमान में दिखी महादेव और नटराज की झलक
'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारतीय वायुसेना की ताकत के साथ काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी जोड़ा गया। हवाई प्रदर्शन के दौरान विमानों ने अलग-अलग नामों पर आधारित फॉर्मेशन बनाए। इनमें महादेव, नटराज, कैलाश, विश्वनाथ, त्रिदेव, वरुणा, हनुमान, ओंकार, भागीरथी, काशी और रुद्र जैसे नाम शामिल रहे। इन फॉर्मेशन के जरिए काशी की धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई गई। इस तरह एयर शो में आधुनिक सैन्य ताकत और प्राचीन सांस्कृतिक पहचान का अनोखा मेल देखने को मिला।
काशी में पहली बार वायुसेना का इतना बड़ा प्रदर्शन
वाराणसी में आयोजित यह एयर शो कई मायनों में खास रहा। एक तरफ 100 विमानों और हेलीकॉप्टरों की भागीदारी ने भारतीय वायुसेना की ताकत दिखाई, तो दूसरी तरफ काशी की संस्कृति से जुड़े फॉर्मेशन ने आयोजन को अलग पहचान दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और गंगा के ऊपर हुए हवाई प्रदर्शन ने इस कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। 'विंग्स ओवर गंगा' के जरिए भारतीय वायुसेना ने अपनी आधुनिक तकनीक, ताकत और तैयारियों की झलक पेश की।




















