Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
Aakash Waghmare
10 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या भारत पर टैरिफ लगाने के बाद ट्रेड डील की बातचीत फिर से शुरू होगी, तो ट्रंप ने साफ कहा,
अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ इसलिए लगाया क्योंकि भारत रूस से अब भी सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीद रहा है। अमेरिका का दावा है कि भारत डॉलर में यह खरीद करता है और इससे रूस को आर्थिक मदद मिलती है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह पैसा रूस यूक्रेन युद्ध में हथियारों पर खर्च कर रहा है।
ट्रंप ने संकेत दिया है कि टैरिफ के अलावा भारत पर सेकेंडरी सैंक्शंस भी लगाए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका उन भारतीय कंपनियों, बैंकों और संस्थानों को भी टारगेट कर सकता है जो रूस के साथ व्यापारिक लेन-देन में शामिल हैं।
हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को "रणनीतिक साझेदार" बताया है। विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच खुली और स्पष्ट बातचीत चल रही है, लेकिन ट्रंप की चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा,
भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में अमेरिकी टैरिफ को अनुचित बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा,
फार्मास्युटिकल्स: भारत से अमेरिका को हर साल ₹65,000 करोड़ से ज्यादा की दवाइयां निर्यात होती हैं। टैरिफ से इनकी मांग घट सकती है।
टेक्सटाइल: ₹22,000 करोड़ के कपड़े अमेरिका को निर्यात होते हैं, जिनकी कीमतें अब बढ़ जाएंगी।
ज्वेलरी और हीरे: ₹79,000 करोड़ के गहनों की मांग पर असर पड़ सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: ₹1.2 लाख करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात हो सकता है प्रभावित, अगर भविष्य में उन पर भी टैरिफ लगा।
स्मार्टफोन: भारत 2025 की दूसरी तिमाही में अमेरिका का सबसे बड़ा स्मार्टफोन सप्लायर बना है। भविष्य में टैरिफ से प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ेगा।
हालांकि यह छूट अस्थायी है और ट्रंप प्रशासन भविष्य में संशोधन कर सकता है।
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आयात/निर्यात |
मूल्य (₹ लाख करोड़) |
प्रमुख उत्पाद |
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भारत से अमेरिका |
7.35 |
दवाइयां, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी |
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अमेरिका से भारत |
3.46 |
कच्चा तेल, विमान पुर्जे, हीरे, कोयला |
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कुल व्यापार: ₹11 लाख करोड़ |
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