नेशनल डेस्क। राजस्थान के जयपुर जिले के जोबनेर कस्बे से आस्था और भावनाओं से जुड़ी एक अनूठी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को चौंकाने के साथ भावुक भी कर दिया है। 21 वर्षीय दिव्यांग युवती तमन्ना कंवर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा से विवाह करने जा रही हैं। इस विशेष आयोजन को लेकर पूरे इलाके में चर्चा है और ग्रामीण तमन्ना को आधुनिक युग की “दूसरी मीराबाई” कहकर पुकार रहे हैं। परिवार का मानना है कि यह विवाह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है।
यह अनोखा विवाह 2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जा रहा है। परिवार ने इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए लगभग चार सौ निमंत्रण पत्र छपवाए हैं, साथ ही डिजिटल माध्यम से भी लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस विशेष विवाह समारोह में करीब दो हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पूरे आयोजन को धार्मिक उत्सव का रूप दिया गया है, जिसमें भक्ति और उल्लास दोनों का संगम देखने को मिलेगा।
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परिवार ने बताया कि शादी की सभी रस्में उसी तरह होंगी जैसे किसी पारंपरिक विवाह में होती हैं। हल्दी, मेहंदी, महिला संगीत, बारात और फेरे तक हर विधि पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाएगी। 2 अप्रैल की शाम करीब 4:15 बजे केशवरायजी मंदिर से बारात निकलेगी, जो पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ विवाह स्थल पहुंचेगी। इसके बाद पाणिग्रहण संस्कार होगा और 3 अप्रैल की सुबह विदाई की रस्म पूरी की जाएगी। इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटने की तैयारी कर रहे हैं।
तमन्ना के पिता मंगल सिंह के अनुसार, विवाह के लिए भगवान श्रीकृष्ण की विशेष प्रतिमा तैयार करवाई गई है, जो चांदी की बनी है और उस पर सोने का लेप चढ़ाया गया है। शादी में उपयोग होने वाला सिंदूर और सुहाग सामग्री वृंदावन और भांडीर वन से मंगवाई गई है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। तमन्ना की मां बताती हैं कि बेटी की देखभाल में उन्होंने जीवन का बड़ा हिस्सा समर्पित किया है। परिवार ने परिस्थितियों को देखते हुए भगवान श्रीकृष्ण से विवाह कराने का निर्णय लिया, जिसे सभी ने सहमति और आस्था के साथ स्वीकार किया।