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टाउन साइजिंग का आया ट्रेंड, कम जानी- पहचानी जगहों को एक्सप्लोर कर रहे पर्यटक

हेरिटेज साइट्स के साथ नेचुरल ब्यूटी वाली छोटी जगहों पर घूमने-फिरने का बढ़ रहा चलन ताकि भीड़भाड़ से रह सकें दूर
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टाउन साइजिंग का आया ट्रेंड, कम जानी- पहचानी जगहों को एक्सप्लोर कर रहे पर्यटक

प्रीति जैन- हर साल, एक नया यात्रा ट्रेंड उभरता है, जो घुमक्कड़ों को अनोखे अनुभवों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। 2025 में टाउन-साइजिंग घूमने-फिरने का नया ट्रेंड है, जो लोगों के दुनिया को देखने के तरीके को बदल रहा है। यह ट्रेंड हलचल भरे शहरी केंद्रों से दूर, छोटे डेस्टिनेशन पर जाने के लिए प्रोत्साहित करता है। टाउन-साइजिंग का मतलब है, भीड़भाड़ वाले पर्यटन केंद्रों की बजाय छोटे, कम-ज्ञात स्थानों को चुनना। छोटे शहर और दूरदराज के गांव विशिष्ट परंपराएं, क्षेत्रीय व्यंजन और लुभावने नजारे पर्यटकों ज्यादा रास आ रहे हैं। शहरवासी भी इस ट्रेंड को पसंद कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत वे भोपाल के पास सीहोर के खारी ग्राम, नर्मदापुरम, तामिया के व्यू पॉइंट्स, पातालकोट, मंदसौर की हेरिटेज साइट्स, नरसिंहगढ़ से लेकर टीकमगढ़ के प्राचीन मंदिरों व प्राकृतिक लोकेशंस पर जाना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा मुरैना व ग्वालियर के पास की हेरिटेज साइट्स भी पसंद की जा रहीं हैं।

खारी में रूरल होम स्टे

सीहोर जिले में खारी विलेज इन दिनों काफी पसंद किया जा रहा है, क्योंकि यहां एमपी टूरिज्म का होमस्टे है, जहां पूरा माहौल ग्रामीण शैली का मिलता है। यहां ट्रेकिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही पूरा दिन दोस्तों व परिवार के साथ बिता सकते हैं।

तामिया में व्यू पॉइंट

तामिया में पातालकोट साइट्स इन दिनों काफी पसंद की जा रही है। यहां घने जंगल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। तामिया से 25 किमी दूर पातालकोट वैली, रातेर व्यू पॉइंट, हांडी खो तराई और चिमरीपुर गांव जैसी जगहों पर खूबसूरत होम स्टे हैं।

मंदसौर में हेरिटेज साइट्स

मंदसौर में पशुपतिनाथ का मंदिर तो प्रसिद्ध है। साथ में चट्टान को काटकर बनाया गया एक मंदिर है, जो कि जमीन के अंदर बना है। यह पाचवीं व छठवीं शताब्दी में निर्मित प्राचीन मंदिर है। इसका नाम धर्मराजेश्वर मंदिर है। इसके अलावा यहां धमनार गुफाएं, बौद्ध स्तूप सहित कई हेरिटेज साइट्स हैं।

अब लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने की बजाय ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं, जहां गाड़ियों का शोर-शराबा न हो, बल्कि उन्हें नेचर से कनेक्ट करके शांति अनुभव करने का मौका मिले। इसी का नाम टाउन साइजिंग है। हम हाल में अपने ग्रुप के साथ नर्मदापुरम गए, वहां स्थानीय निवासी के घर खाना बनवाया। इसी तरह गांवों की तरह टेंट लगाकर या किसी के घर में या होम स्टे में ठहर जाते हैं। भोपाल के नजदीक कोलार के कुछ गांव हैं, जहां पर नाइट स्टे के लिए अच्छी लोकेशन हैं। बुधनी के पास बांद्राभान नर्मदा नदी का घाट है, यहां पर स्नान कर सकते हैं। - संजय मधुप, सचिव ग्रीन एडवेंचर

हम हाल में भोपाल से 90 किमी दूर नर्मदापुरम जिले में नर्मदा व्यू ट्रेक पर गए। यह ट्रेक सतपुड़ा की विशाल पर्वत शृंखलाओं के बीच आयोजित किया गया। इसमें फ्रंट और रियर लीडर के बीच में हमारे साथ 50 ट्रेकर्स ने भाग लिया। हम कुछ दूर ही चले थे कि विशाल पर्वत शृंखलाएं दिखाई देने लगीं। ऐसा लग रहा था कि ये शांत पर्वत हमें हरियाली से सराबोर चादर में समेट लेना चाहते हों। - आजाद सिंह, ट्रेकर

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By People's Reporter
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