Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
स्पोर्ट्स डेस्क। एशियन आर्चरी चैंपियनशिप से लौट रही भारतीय तीरंदाजी टीम के 11 प्लेयर सोमवार रात करीब 10 घंटे तक ढाका में फंसे रहे। इनमें 2 नाबालिग शामिल थे। इनकी फ्लाइट कई बार लेट हुई, जिसे अंत में रद्द कर दिया। इस दौरान उन्हें बिना सुरक्षा के ढाका की हिंसा प्रभावित सड़कों से एक लोकल बस में ले जाया गया। फिर एक बेहद खराब धर्मशाला में ठहराया गया।
भारत के अनुभवी कंपाउंड तीरंदाज अभिषेक वर्मा ने PTI से बाचतीच में कहा कि वे शनिवार को रात 9.30 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरने ढाका एयरपोर्ट पहुंचे थे। 15 नवंबर की रात 10:05 उनकी फ्लाइट की। लेकिन, विमान में बैठने के बाद बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट रद्द की जा रही है।
अभिषेक ने टीम के रात्रि विश्राम की जानकारी देकर बताया कि जिस 'धर्मशाला में हमें ठहराया गया, वहां छह बिस्तरों वाला एक कमरा था और केवल एक गंदा टॉयलेट था, जिसमें नहाना भी मुश्किल था।' उनके साथ सीनियर खिलाड़ी ज्योति सुरेखा और ओलिंपियन धीरज बोम्मादेवरा भी थे।' इतना ही नहीं एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद प्लेयर्स की परेशानी और बढ़ गई। दरअसल टीम को बिना खिड़की वाली स्थानीय बस में ठूंस दिया गया था।