
नई दिल्ली। भारत के विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एयर इंडिया द्वारा एक पायलट को आवश्यक नियमों का पालन किए बिना उड़ान भरने की अनुमति देने के मामले में की गई है।
क्या है मामला
डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा कि एयर इंडिया ने एक पायलट को उड़ान भरने की अनुमति दी, जबकि उसके पास आवश्यक अनुभव नहीं था। नियमों के अनुसार, पायलट को उड़ान भरने से पहले कम से कम तीन टेक-ऑफ और लैंडिंग का अनुभव होना चाहिए, लेकिन संबंधित पायलट के पास यह अनुभव नहीं था।
डीजीसीए ने बताया कि यह मामला 7 जुलाई 2024 का है, जब इस पायलट को नियमों की अनदेखी करते हुए उड़ान भरने की अनुमति दी गई। इसके अलावा, एयर इंडिया के रोस्टरिंग कंट्रोलर्स ने कई गलत अलर्ट्स को नजरअंदाज किया, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है।
डीजीसीए ने एयर इंडिया को भेजा था कारण बताओ नोटिस
डीजीसीए ने एयर इंडिया को 13 दिसंबर 2024 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में एयर इंडिया के ऑपरेशंस प्रमुख और रोस्टरिंग प्रमुख सहित अन्य अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। लेकिन एयर इंडिया का जवाब असंतोषजनक पाया गया, जिसके बाद डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
डीजीसीए ने 29 जनवरी 2025 को जारी अपने आदेश में कहा, “एयर इंडिया में बार-बार रोस्टरिंग से जुड़े मुद्दे पाए गए हैं। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि एयर इंडिया के रोस्टरिंग कंट्रोलर्स ने कई गलत अलर्ट को नजरअंदाज किया, जो सीएई विंडो पर दिख रहे थे। यह गंभीर चूक है, जिससे विमानन नियमों का उल्लंघन हुआ है।”
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