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सिमटती भोपाल की बड़ी झील : दलदली जमीन पर उड़ेली जा रही मिट्टी, 300 मीटर अंदर तक हो रहे निर्माण

शाहिद खान / भोपाल। रामसर साइट घोषित राजधानी की बड़ी झील सिमटती जा रही है। झील के कैचमेंट ही नहीं, फुलटैंक लेवल (एफटीएल) में तेजी से निर्माण हो रहे हैं। सबसे ज्यादा निर्माण बैरागढ़ से सटे भैंसाखेड़ी में किए जा रहे हैं। झील की दलदली जमीन को रातों-रात सैकड़ों डंपर कोपरा, मिट्टी और बोल्डर डालकर पाटा जा रहा है। इस मामले का खुलासा सोशल एंड एन्वॉयरनमेंट एक्टिविस्ट प्रदीप खंडेलवाल ने किया है। उन्होंने झील में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत अधिकारियों के अलावा विभागीय मंत्री और राष्ट्रपति से भी की है।

झील से 5-7 फीट दायरे में निर्माण :

शिकायत की सच्चाई जानने पीपुल्स समाचार ने ड्रोन से इलाके का एरियल व्यू लिया, तो हालात ज्यादा खराब मिले। जहां निर्माण किया गया है, वहां से झील का पानी महज 10 से 15 फीट दूर होगा। कई जगहों पर यह दूरी 5-7 फीट ही है। यह निर्माण झील का एफटीएल बताने के लिए सड़क किनारे लगाई गई मुनारों (मार्किंग पॉइंट) से 300 मीटर अंदर है।

रिसॉर्ट, क्लब हाउस और रेस्टोरेंट तक बन गए :

यहां करीब पांच से सात एकड़ दलदली जमीन को ठोस बनाने के साथ ही उस पर रिसॉर्ट, क्लब हाउस और रेस्टोरेंट बनाए जा चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा 2019 में कराए गए सर्वे में बड़ी झील के एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में 321 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। खानूगांव से भैंसाखेड़ी तक एफटीएल और कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माणों की संख्या 157 थी, जो बीते पांच सालों में दोगुनी हो चुकी है।

बडेÞ तालाब के आस-पास किए जा रहे अनियंत्रित अवैध निर्माण को सरकार व स्थानीय प्रशासन को बहुत सख्ती से निपटना चाहिए। इस महत्वपूर्ण रामसर साइट की दुर्भाग्य से घोर उपेक्षा हो रही है। यह कतई मान्य नहीं है। सरकार भी इस तरफ ध्यान दे। -अभिलाष खांडेकर, संस्थापक द नेचर वालंटियर सोसाइटी

यहां माइग्रेटरी बर्ड इसलिए आती हैं क्योंकि यहां पानी देश की अन्य वॉटर बॉडीज की तुलना में काफी साफ है। जिससे जलीय वनस्पति काफी होने से इन पक्षियों को चारा मिलता है। अगर तालाब का अतिक्रमण होता रहा तो माइग्रेटरी बर्ड्स का आना रुक जाएगा। -मनीष शशि शुक्ला, बर्ड फोटोग्राफर

वेटलैंड पर अवैध निर्माणों को लेकर वेटलैंट प्राधिकरण में अब तक 33 शिकायतें की गई हैं। इस मामले को लेकर हम एनजीटी जाएंगे और जिम्मेदारों पर वैधानिक कार्रवाई कराएंगे। -नितिन सक्सेना, एन्वॉयरनमेंट एक्टिविस्ट

बड़ी झील के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर की जाती है। भैंसाखेड़ी में झील एफटीएल में अतिक्रमण की जानकारी मुझे नहीं है। अधिकारियों से चर्चा कर कलेक्टर को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। -मालती राय, महापौर

नर्सरी, रेस्टोरेंट और रेस्ट हाउस तक बना दिए गए

1 दरबार रेस्टोरेंट

2 वाटर विला

3 से 5 तक खाली प्लॉट

6 आकाश गार्डन का गोडाउन (निर्माणाधीन)

7 मोक्ष रेस्टोरेंट

8 द ग्रीन क्लासिक रेस्टोरेंट

9 मीना नर्सरी

10 जेके मार्बल

11 होम रेस्टोरेंट

12 से 16 फार्म हाउस व रेस्ट हाउस

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